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सूबे की योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के तमाम वायदें करती हो लेकिन यूपी में महिला कितनी सुरक्षित है, ये किसी से छिपा नहीं है। यूपी में महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। एक दिल दहला देने वाला मामला बांदा के बिसंड़ा थाना क्षेत्र का है जहां बदमाशों ने एक नाबलिग दलित लड़की की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी।

आपको बता दें कि इस मासूम का कसूर सिर्फ इतना था कि इसने अपनी बहन का अपहरण होने से बचाने की कोशिश की। दरअसल, कुछ बदमाश एक शख्स के घर में घुसकर उनकी छोटी बेटी के अपहरण की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच 10वीं में पढ़ रही बड़ी बेटी नीताश्री ने इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने ईंट से कुचल कर उसकी ही हत्या कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतका का शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच में जुट गई।

पीड़ित पक्ष ने बताया कि बदमाशों ने लड़की के पिता और भाई को भी पीट-पीट कर घायल कर दिया और वहां से फरार हो गए। बदमाश इससे पहले मृतका की दिव्यांग बड़ी बहन को भी अगवा कर ले गए थे। पुलिस अभी भी उसकी खोजबीन कर रही है। पुलिस ने बताया कि मृतका के पिता ने अपने पड़ोसियों के खिलाफ तहरीर दी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

अपराध की सूची में यूपी नंबर-1

वहीं यूपी में अपराध का ग्राफ कम नहीं हो रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यूपी में साल 2016 में महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं। देखिये राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के ये आंकड़े।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में हत्या की घटनाएं सबसे ज्यादा हुईं।

यहां हत्या की 4,889 घटनाएं हुईं, जो ऐसे कुल मामलों का 16.1 फीसदी है। यूपी के बाद पिछले साल हत्या की सबसे ज्यादा 2,581 (8.4 फीसदी) घटनाएं बिहार में दर्ज की गईं।
आंकड़ों के मुताबिक बलात्कार के मामले सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हुए। ऐसी कुल घटनाओं में से 12.5 फीसदी (4,882 मामले ) मध्य प्रदेश में, 12.4 फीसदी (4,816 मामले) उत्तर प्रदेश में और 10.7 फीसदी यानी 4,18 मामले महाराष्ट्र में हुए।

साल 2016 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कुल मामलों में से 14.5 फीसदी (49,262 मामले) उत्तर प्रदेश में हुए जिसके बाद 6 फीसदी यानी 32,513 मामलों के साथ पश्चिम बंगाल रहा। साल 2015 के मुकाबले देश में बलात्कार की घटनाएं 12.4 फीसदी बढ़ गई।

कानपुर में बेखौफ बदमाश, दिनदहाड़े दो लोगों की चाकुओं से गोदकर हत्या

वहीं हम आपको एक ओर इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला बताने जा रहें है। जो यूपी के कानपुर से है। कानपुर के फीलखाना क्षेत्र में दिनदहाड़े बदमाशों ने दो लोगों की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए।

बताया जा रहा हैं कि ये दोनों व्यक्ति सतीश कश्यप और ऋषभ पांडे किसी नेता से मिल आ रहे थे। दोनों जैसे ही कालेश्वर मंदिर के पास पहुंचे थे, तभी अज्ञात बदमाशों ने दोनों को चाकुओं से गोद कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से लोग सहम गए और घरों में छिप गए। इसी बीच स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

वहीं दोहरी हत्या की सूचना पर एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों घायल व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों के बयान दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई।

बताया जा रहा है कि घटना में मारा गया सतीश कश्यप हिस्ट्रीशीटर रह चुका है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। कुछ संदिग्ध अपराधियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में कैबिनेट में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया है। जिसके तहत 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ रेप करने वाले दोषियों को मौत की सजा दी जाएगी। वहीं यह सजा गैंगरेप मामले में भी लागू होगी। रेप के मामलों में मध्य प्रदेश पहला ऐसा राज्य हैं जिसने ऐसा कानून बनाया है। अब योगी सरकार मध्यप्रदेश की इस पहल को  आगे बढ़ाएंगे?  यूपी में कब रेप दोषियों के लिए मौत की सजा जैसा कोई प्रस्ताव पास होगा। यह एक बड़ा प्रश्न है जो हर बेटी, हर मां योगी सरकार से पूछ रही है।

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