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केंद्र सरकार ने नेशनल हेराल्ड के पब्लिशर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 13 मार्च तक जवाब मांगा है। केंद्र ने एजेएल से पूछा है कि दिल्ली के आईटीओ स्थित हेराल्ड हाउस को खाली करने का आदेश जारी क्यों नहीं किया जाना चाहिए? करीब एक सप्ताह पहले दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव की पीठ ने एजेएल की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने आईटीओ परिसर खाली करने के एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी।

केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, सरकार ने हेराल्ड हाउस खाली करने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद सार्वजनिक परिसर अधिनियम, 1971 के तहत प्रक्रिया शुरू की है। इसी के तहत एजेएल को नोटिस जारी करते हुए 13 मार्च तक जवाब मांगा गया है। कहा गया है कि बेदखली का आदेश क्यों जारी नहीं किया जाना चाहिए।’

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कहा था कि एजेएल के 99 फीसदी शेयर यंग इंडिया (वाईआई) को ट्रांसफर करने पर उसकी 400 करोड़ से अधिक की संपत्ति भी गोपनीय तरीके से ट्रांसफर हो जाती है। वाईआई में सोनिया और राहुल गांधी शेयरधारक हैं। हाईकोर्ट से एजेएल की याचिका खारिज होने के बाद सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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