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चौकन्नी सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। एनआईए की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक खुफिया जानकारी के आधाऱ पर साथ मिलकर मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कई जगहों पर एक साथ छापे मारे। छापे की इस कार्रवाई में करीब 150 अधिकारी शामिल थे। छापेमारी के दौरान एनआईए के हाथ जो लगा है वह चौंकाने वाला है। आतंकी अगले कुछ दिनों में 26 जनवरी के पहले देश की राजधानी दिल्ली और लखनऊ में बड़ा धमाका करने की तैयारी में थे। NIA का एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है इन आतंकियों के ISIS के मॉड्यूल हरकत उल हर्ब ए इस्लाम’ से तार जुड़े हैं। इनमें से कई पाकिस्तान के आईएसआईएस के स्लीपर मॉड्यूल के रुप में काम करते थे। 

अमरोहा का मौलवी बताया जाता है मास्टर माइंड

एनआईए के आईजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि छापेमारी के बाद 16 लोगों से पूछताछ की गई, जिसके बाद 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। पांच को दिल्ली और पांच को यूपी से गिरफ्तार किया गया है। मुख्य साजिशकर्ता मुफ्ती सुहैल, अमरोहा से गिरफ्तार किया गया है। मुफ्ती सुहैल अमरोहा के मस्जिद का मौलवी है। यह दिल्ली के किसी मदरसे में भी पढ़ाने का काम करता है। संभवतः इसने देवबंद से भी पढ़ाई की है। इसके घर के लोग और रिश्तेदार भी पढ़े-लिखे और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

दिल्ली के जाफराबाद से मोहम्मद आजम, अनस ज़ुबैर, ज़फ़र, जैद और जुबैर मलिक को पकड़ा गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की उम्र 20-30 साल के बीच है। पता चला है कि अनीस ने करीब 2 महीने पहले अपने ही घर से 5 लाख का सोना चुराया लिया था, लेकिन घरवालों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। बताया जा रहा है कि इसी पैसे से हथियार खरीदे गए हैं। मेरठ जिले में किठौर के राधना में भी एनआईए ने बुधवार सुबह छापेमारी की। यहां से भी एनआईए ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। किठौर के ही ललियाना से चार संदिग्धों को भी एनआईए उठा ले गई है। इन सभी को अमरोहा में पकड़े गए आईएसआईएस के स्लीपर मॉड्यूल का साथी बताया जा रहा है। एक महिला को भी हिरासत में लिया गया है, उससे पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ होगी। पकड़ में आए लोगों से पूछताछ के बाद अब यूपी के मेरठ और हापुड़ में भी छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। हापुड़ के बक्सर गांव से एक मौलाना को हिरासत में लिया गया है, मौलाना से पूछताछ की जा रही है। 

हमलों से आरएसएस मुख्यालय को उड़ाने की थी साजिश

एनआईए आईजी ने ये भी बताया कि ये सभी विदेशी व्यक्ति के संपर्क में थे। आतंकी संगठन आईएस से प्रभावित इन लोगों का हैंडलर विदेशी था। ये लोग आपस में बातचीत करने के लिए  सोशल मीडिया का प्रयोग करते थे। ये लोग सीरियल ब्लास्ट की साजिश रच रहे थे। साथ ही, इनकी आत्मघाती हमला करने की भी योजना थी। इनके निशाने पर राजनेता और महत्‍वपूर्ण हस्तियां थीं। इसके अलावा संवेदनशील सुरक्षा प्रतिष्‍ठानों पर भी हमला करने की साजिश रची गई थी।

एनआईए ने बताया कि महत्वपूर्ण इमारतें, कुछ सिक्युरिटी इंस्टालेशन, भीड़-भाड़ वाले इलाके इनके निशाने पर थे। लखनऊ में इसी मॉड्यूल के तहत इनका एक आदमी तैयारी में लगा था। इनकी सेल्फ फंडिंग है। कुछ लोगों ने  सोना चोरी करके बेचा। इसी से बम बनाने के इक्विपमेंट्स खरीदे गए। इनकी जल्द ही धमाका करने की कोशिश थी। उन्हें रिमांड पर लेकर विस्तार से पूछताछ करेंगे, इसके बाद ही ज्यादा जानकारी मिलेगी।

एनआईए ने कहा, ”इस संगठन का सरगना मुफ्ती सुहैल इंटरनेट के माध्यम से विदेश में एक हैंडलर से जुड़ा हुआ था. ये लोग आईएस मॉड्यूल से प्रेरित थे, ऐसे में ये साफ़ है कि इस साजिश में ये लोग क्यों शामिल हुए।

आईएसआईएस से प्रभावित इस मॉड्यूल में एमिटी यूनिवर्सिटी में सिविल इंजिनियरिंग करने वाला छात्र, ऑटो ड्राइवर, मौलवी, गारमेंट्स का बिजनस करने वाला युवक शामिल है। इनमें से ज्यादातर की आयु 20 से 30 साल की है। 

चौंकाने वाले सामान मिले छापेमारी में

छापेमारी में कई चीजें ऐसी मिली हैं जो चौंकाने वाली है। जाफराबाद से ग्रेनेड लॉन्चर, देश में बना रॉकेट लॉन्चर, बड़ी मात्रा में पिस्टल और तलवारें भी बरामद की गई हैं। यही नहीं अमरोहा से भी विस्फोटक और पिस्टल बरामद की गई है। इन सबके अलावा ISIS का बैनर भी बरामद हुआ है। 100 से ज्यादा मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में आरडीएक्स, जिलेटिन छड़ें, 7.5 लाख रुपए, 135 सिमकार्ड्स, लैपटॉप और मेमोरी कार्ड्स जब्त किए गए हैं। 120 अलार्म घड़ियां भी बरामद की गई हैं। जो फिदायीन हमले या  रिमोट के जरिए विस्फोट कराने के काम में लाई जाने वाली थीं। ये लोग रिमोट कंट्रोल बम और सूइसाइड जैकेट तैयार करने में जुटे थे।

फिलहाल हिरासत में लिए गए संदिग्धों से आतंकी फंडिंग आदि को लेकर जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि यह दूसरी घटना है, जब उत्तर प्रदेश में आईएसआईएस के मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। इससे पहले 9 मार्च, 2017 को भी एनआईए ने आईएसआईएस के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इसके साथ ही भारत के दक्षिणी राज्य केरल से भी आतंकी संगठन से जुड़ाव की कुछ खबरें सामने आयीं थी। केरल से कुछ लोग तो आईएसआईएस में शामिल होने के लिए सीरिया और इराक भी जा चुके हैं।

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