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नई सरकार के तहत नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की पांचवीं बैठक आज होने जा रही है। जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पीएम मोदी आज ही बिश्केक से लौटे हैं। इस बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और उप-राज्यपाल शामिल होंगे। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठक में शामिल नहीं होंगी। वहीं नीति आयोग की बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) भी शामिल नहीं होंगे।

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि नीति आयोग के पास राज्यों की मदद के लिए वित्तीय शक्ति नहीं है। लिहाजा उसकी बैठक में हिस्सा लेने का कोई फायदा नहीं है। वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने साफ कर दिया कि वो विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करेंगे और इसके लिए वो पहले गृह मंत्री अमित शाह से मिल चुके हैं।

कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मोदी सरकार को अपने-अपने राज्यों की जरूरतों को लेकर घेरेंगे। इसकी रणनीति तय करने के लिए शुक्रवार शाम मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने दिल्ली स्थित आवास पर कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों को डिनर पर बुलाया।

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक का एजेंडा तय हो चुका है। इसमें जल प्रबंधन, कृषि और सुरक्षा पर बात होगी। नक्सलवाद के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। नीति आयोग की बैठक राष्ट्रपति भवन में होगी। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में वित्त, गृह, रक्षा, कृषि, वाणिज्य और ग्रामीण विकास के मंत्री मौजूद रहेंगे। इसके अलावा नीती आयोग के उपाध्यक्ष, सीईओ और सदस्य भी इस बैठक में शामिल रहेंगे।

नीति आयोग की बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंचे नीतीश

नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी दिल्ली में हैं। बिहार से संबंधित जिन दो मुद्दों पर सबकी नजर रहेगी इनमें राज्य में सूखे के हालात और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग शामिल है। वहीं विशेष राज्य के दर्जे पर जेडीयू एक बार फिर जिस तरह से सक्रिय हुई है, इससे यह जाहिर है कि नीति आयोग की बैठक में भी इसपर चर्चा की शुरुआत जरूर होगी। दरअसल बीते आठ वर्षों से सीएम नीतीश कुमार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा की मांग करते रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार इसको लेकर बार-बार टेक्निकल आधार पर यह मांग खारिज करती रही है। गौरतलब है कि बिहार के साथ ओडिशा और आंध्र प्रदेश भी विशेष राज्य का दर्जा चाहता है। हालांकि केंद्र सरकार ने इसपर अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है कि वह विशेष राज्य का दर्जा देगी या नहीं।

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