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बेरोजगारी के मामले में चुप्पी तोड़ते हुए पीएम मोदी ने विपक्षियों पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने मौखिक रूप से आंकड़ो को गिनाया पर यह भी कहा कि हमारे पास कोई पुख्ता आंकड़ा ही नहीं है कि कितने रोजगार देश में पैदा हुए, इसी का फायदा विपक्षी उठाते हैं। पीएम मोदी का कहना है कि देश में लाखों नौकरियां पड़ी हैं और दिए भी गए हैं लेकिन इसके आंकड़े इस समय नहीं है। एक मैगजीन को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि विपक्षी नौकरियों के मामले में ‘अपनी इच्छानुसार’ एक तस्वीर बना रहे हैं, क्योंकि हमारे पास नौकरियों पर पर्याप्त आंकड़े मौजूद नहीं हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अगर एक के बाद एक राज्य में अच्छी संख्या में नौकरियां सृजित हो रही हैं, तब यह कैसे कहा जा सकता है कि केंद्र रोजगार सृजन नहीं कर रहा?

पीएम मोदी ने कहा कि  ‘हमारे प्रतिद्वंदी निश्चित रूप से अपनी रुचि के हिसाब से तस्वीर बनाने के लिए अवसर का उपयोग करेंगे। रोजगार के मुद्दे पर आरोप लगाने को लेकर हम अपने प्रतिद्वंदियों पर आरोप नहीं लगाते। किसी के पास भी रोजगार को लेकर वास्तविक डेटा नहीं है। ” उन्होंने कहा कि नौकरियों को मापने का पारंपरिक ढांचा ‘नए भारत की नई अर्थव्यवस्था में नए रोजगार को मापने के लिए पर्याप्त नहीं है।’ उन्होंने साथ ही कहा कि यह हमारे नौजवानों के हितों और आकांक्षाओं को पूरा नहीं करता है। उन्होंने कहा, “उदाहरण के लिए, देश में सामान्य सेवा केंद्रों को चलाने वाले ग्रामीण स्तर पर तीन लाख उद्यमी हैं और ये ज्यादा रोजगार पैदा कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया में तेज रफ्तार वाली अर्थवव्यवस्था है और इसकी मजबूत बुनियाद इसकी वृद्धि को गति देगी। उन्होंने कहा कि बैंकों में समस्याओं को 2014 में ही चिन्हित कर लिया गया था और उन्हें कर्ज देने के मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप से छूट दी गई। सरकार दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता लेकर आई ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कर्जनहीं लौटाने वालों को अपनी कंपनी से हाथ धोना पड़ेगा। पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि  पिछली सरकार में ‘ अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री ’तथा‘ सर्वज्ञाता वित्त मंत्री ’ ने अर्थव्यवस्था को जिस रसातल में पहुंचा दिया था उनकी सरकार उसे बाहर निकालकर पटरी पर लाई है।

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