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दक्षिण भारत में भारी तबाही मचाने के बाद अब ओखी ने मुंबई और गुजरात को तबाह करने की ठान ली है। सोमवार को मुंबई में जमकर बारिश हुई। दिसंबर माह में इस भीषण बारिश ने मुंबईवासियों का जीना मुश्किल कर दिया हैं। आलम ये है कि लोगों का घर से निकलना दुश्वार हो गया हैं। लगातार पड़ रही बारिश और ओलों की वजह से राज्य सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी का एलान कर दिया है।

महाराष्ट्र सरकार ने ओखी के कहर से बच्चों और युवाओं को बचाने के लिए मंगलवार को स्कूल और कॉलेज बंद करने का एलान किया। जिसके बाद मंगलवार को मुंबई के ठाणे, रायगढ़, सिंधुदुर्ग और पालघर जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल और कॉलेज बंद रहे।

बारिश ने दिसंबर माह के तापमान को नीचे गिरा दिया है, जिस वजह से मुंबई के लोग घर से निकलने में कतराने लगे हैं। मौसम विभाग ने पहले ही मुंबई में हाई अलर्ट जारी करते हुए बारिश की आशंका जताई थी और ये बात सही साबित हुई। सोमवार रात से लगातार बारिश का कहर मुंबई के लोगों को झेलना पड़ रहा हैं।

गुजरात में भी लाएगा बर्बादी का तूफान

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि ये बर्बादी लाने वाला ओखी तूफान मंगलवार आधी रात तक गुजरात पहुंच सकता है। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार ये तूफान दक्षिण गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र से सटे इलाकों में मंगलवार आधी रात तक पहुंच सकता है। अगर ये तूफान गुजरात पहुंचता है तो वहां के लोगों का जीवन भी अस्त व्यस्त हो जाएगा। जिस तरह से मुंबई में बारिश ने लोगों की हालत खराब कर रखी हैं, ठीक उसी तरह गुजरात में ये तूफान बर्बादी का कौन सा तूफान लेकर आएगा, शायद इसका अंदाजा लगाना भी बहुत मुश्किल है।

मौसम विभाग ने पहले ही गुजरात में ओखी के पहुंचने की संभावना जता दी हैं इसलिए ओखी के कहर से लोगों को बचाने के लिए सूरत, नवसारी और राजकोट में एनडीआरएफ की दो-दो टीमें तैनात कर दी गई हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार ओखी की वजह से देर रात 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती है। ओखी के खतरनाक असर से महाराष्ट्र के साथ साथ गुजरात में भी बर्बादी का सैलाब आएगा। गुजरात में भी इसके चलते हाई अलर्ट जारी कर दिया गया गया है।

दक्षिण भारत में ली 26 लोगों की जान

मुंबई में अपना कहर बरपाने से पहले ओखी ने दक्षिण भारत के तमिलनाडु और केरल में भारी तबाही मचाई थी। ओखी का जानलेवा कहर केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में करीब 26 लोगों की मौत का कारण बन गया। जबकि सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिनका बचाव टीम अब तक पता नहीं लगा पाई हैं।

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