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आज वोट डालने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मां हीराबेन के आवास पर पहुंचे। पीएम ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया इस दौरान मां हीराबेन ने पीएम मोदी को आशीर्वाद स्वरूप माता की चुनरी, नारियल, मिश्री और 500 रुपये दिए। पीएम मोदी की मां ने उन्हें जो चुनरी भेंट की, वो पावागढ़ के प्रसिद्ध कालिका माता मंदिर की है। प्रधानमंत्री की मां अक्सर इस मंदिर में जाती हैं। इस दौरान मां हीराबेन ने पीएम मोदी को प्रसाद भी खिलाया। इसके बाद पीएम मोदी ने भी अपनी मां को प्रसाद खिलाया।

 

हम आपको बताते है कि देश के प्रमुख शक्तिपीठों में पावागढ़ के प्रसिद्ध कालिका माता मंदिर का क्या महत्व है। ये मंदिर गुजरात के पंचमहल जिले में स्थित है। दक्षिणमुखी मां काली का यह मंदिर पावागढ़ की ऊँची पहाड़ियों के बीच तकरीबन 550 मीटर की ऊंचाई पर है। शक्ति के उपासकों के लिए माता का यह मंदिर अत्यंत सिद्ध स्थान है। माता के दरबार में पैदल पहुंचने वाले भक्तों को तकरीबन 250 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। हालांकि इस शक्तिपीठ पर पहुंचने के लिए रोपवे की भी सुविधा है।

51 शक्तिपीठों में से एक पावागढ़ वाली माता का अपना एक पौराणिक इतिहास है। देवी पुराण के अनुसार जब प्रजापति दक्ष के यज्ञ में भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया गया और सती बगैर आमंत्रण के वहां पहुंची और वहां देवाधिदेव का जब अपमान हुआ तो माता सती उसे सह न सकीं। इसके बाद उन्होंने योग बल से अपने प्राण त्याग दिए थे। जब यह बात भगवान शिव को पता चली तो वे व्यथित होकर उनके शव को लेकर तांडव नृत्य करने लगे।

इसके बाद तीनों लोगों में जब हाहाकार मच गया तो भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। उसके बाद सती के शव के टुकड़े पृथ्वी पर जहां-जहां गिरे, वह स्थान शक्तिपीठ कहलाया। गुजरात के पावागढ़ में माता सती का वक्षस्थल गिरा, इसलिए यह पावन धाम अत्यंत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है। माता के इस मंदिर को शत्रुंजय मंदिर भी कहा जाता है।

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