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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी का इस बार देश के नाम संबोधन कई मायनों में खास होने वाला है। जम्मू-कश्मीर पर ऐतिहासिक फैसला लेने के बाद पीएम मोदी का लाल किले के प्राचीर से यह पहला संबोधन होगा। जाहिर है कि मोदी के एजेंडे में जम्मू-कश्मीर की प्राथमिकता तो होगी ही साथ ही वो शेष भारत के लिए भी कुछ बड़े ऐलान कर सकते हैं। पीएम मोदी अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर का विशेष उल्लेख करने के साथ बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने को लेकर भी कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं साथ ही वो महिलाओं की सुरक्षा और किसानों की आय में बढ़ोतरी को लेकर भी नई स्कीमों की घोषणा कर सकते हैं।

15 अगस्त के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के नाम संबोधन का सभी को इंतजार है। पीएम मोदी का लाल किला से दिया गया हर भाषण ऐतिहासिक रहता है, लेकिन इस बार का भाषण सबसे अलग होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री का भाषण इस बार कुछ खास होने वाला है क्योंकि कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद लाल किले से ये उनका पहला संबोधन होगा।

ऐसे में प्रधानमंत्री कश्मीर को लेकर अपनी सरकार का विजन सामने रख सकते हैं। माना जा रहा है कि कश्मीर के पूर्ण विकास के लिए सरकार की नीति क्या रहेगी इस पर भी प्रधानमंत्री प्रकाश डालेंगे। एक सप्ताह पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री अपने भाषण में या तो लोकतंत्र को मज़बूत करने, नई राजनीतिक पीढ़ी तैयार करने और तरह-तरह के चुनावों पर ज़ोर देते रहे या फिर विकास की बातें करते दिखे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों की भलाई के लिए कानून बनाती है लेकिन कानून के लाभ से जम्मू कश्मीर के लोग वंचित रह जाते थे। अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब कश्मीर की बेटियों को उनका हक मिल सकेगा। अब तक अल्पसंख्यकों के लिए कानून कश्मीर में लागू नहीं हो पाते थे। कश्मीर के राज्य कर्मचारियों को सुविधाएं नहीं मिलती थीं। देश के दूसरे केंद्र शासित राज्यों को मिलने वाली सुविधाएं अब कश्मीरियों को भी उपलब्ध होंगी। पीएम मोदी ने कहा कि बहुत जल्द ही जम्मू कश्मीर और लद्दाख में रिक्त पदों को भरने की प्रकिया शुरू होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इस बीच प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि आतंकवाद से सहानुभूति रखने वाले लोग ही धारा 370 हटाए जाने का विरोध कर रहें हैं। सरकार अक्टूबर में कश्मीर में इंवेस्ट्रस समिट भी कराने जा रही है। रिलायंस ग्रुप के प्रमुख मुकेश अंबानी ऐलान कर चुके हैं कि उनकी कंपनी जल्द कश्मीर और लद्दाख में निवेश करेगी। कश्मीर के अलावा पीएम मोदी कुछ दूसरे बड़े ऐलान भी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं. साथ ही वो महिलाओं की सुरक्षा और किसानों की आय में बढ़ोतरी को लेकर भी नई योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं।

पीएम मोदी ने स्वाधीनता दिवस के अवसर पर अपने भाषण के संबंध में लोगों से 19 जुलाई को सुझाव मांगे थे. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा था, ‘मुझे अपने 15 अगस्त के भाषण में आप सभी के बहुमूल्य सुझावों को शामिल करने में खुशी होगी.’ पीएम मोदी ने लोगों से सुझाव देने की अपील करते हुए कहा था कि लाल किले की प्राचीर से 130 करोड़ भारतीय आपके विचार सुनेंगे. पीएम मोदी ने कहा था कि सुझाव देने वाले नमो एप पर विशेष रूप से बनाए गए ओपन फोरम में अपना सुझाव भेज सकते हैं. पीएम के ट्वीट पर 20 हजार से ज्यादा लोगों ने सुझाव पोस्ट किए। हर वर्ग के लोगों ने पीएम मोदी को अपना सुझाव भेजा है।

देखा जाए तो पीएम मोदी ने लाल किले से अपने पिछले भाषणों में जो कहा है उससे कहीं आगे बढ़कर काम किया है। पिछले साल 15 अगस्त को पीएम ने अपने संबोधन में तीन तलाक के मुद्दे का प्रमुखता से जिक्र किया था, जिसका नतीजा है कि आज तीन तलाक बिल संसद के दोनों सदनों से पास होकर एक कानून का रूप धारण कर चुका है।

इसी तरह पिछले साल 15 अगस्त के मौके पर पीएम ने बलात्कारियों को भी चेतावनी दी थी। पीएम मोदी ने कहा था कि हमें अपने समाज और देश को रेप की घटिया मानसिकता से आजाद करना होगा। पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के एक बलात्कारी को फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की सजा दिए जाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा था, ‘हमें इस खबर को फैलाना चाहिए। यह घटना न हो इसके लिए लोगों में जागरूकता लाने की जरूरत है। देश में कानून का शासन सर्वोच्च है और किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।’

मोदी ने अपने भाषण में सत्ता के दलालों का जिक्र करते हुए कहा था, कि दिल्ली की सड़कें सत्ता के दलालों से आजाद हो चुकी हैं। अब सत्ता के दलालों की नहीं, गरीबों की आवाज सुनी जाती है। कितनी भी आफतें आएं मैं छोड़ने वाला नहीं हूं। देश को दीमक की तरह इन्हीं बीमारियों ने तबाह कर के रखा हुआ है।’

कुल मिलाकर पीएम मोदी लगातार छठी बार लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे। वैसे तो पिछले साल पीएम मोदी ने दो बार लाल किले से तिरंगा फहराया था। सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व वाली आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने 21 अक्टूबर 2018 को झंडा पहराया था। इसके बाद पीएम मोदी देश के ऐसे पहले पीएम बन गए जिन्होंने 15 अगस्त के अलावा भी लाल किले पर झंडा फहराया।

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