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वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए भारत और नेपाल के बीच मोतिहारी-अमलेखगंज पाइपलाइन का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों देशों के बीच आपसी संबंध और सहयोग पर जोर दिया। वहीं, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने भी खुशी जाहिर की। दक्षिण एशिया का ये पहला क्रॉस बॉर्डर पेट्रोलियम पाइपलाइन है। इस उद्घाटन के साथ ही नेपाल में पेट्रोल, डीजल और केरोसीन तेल के दाम 1.25 रुपये सस्ते हो गए।
बिहार के बेगूसराय जिले में बरौनी रिफाइनरी से दक्षिण पूर्व नेपाल के अमलेखगंज तक जाने वाली पाइपलाइन से दोनों देशों को फायदा होगा। 69 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के कारण भारत से नेपाल के बीच ईंधन के ट्रांसपोर्ट पर खर्च में काफी कमी आएगी। अमलेखगंज पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल सीमा पर स्थित है। यहां मौजूद ईंधन डिपो की भंडारण क्षमता 16 हजार किलो लीटर की है।


मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हमारे बीच राजनीतिक स्तर पर अभूतपूर्व नजदीकी आई है। हम नियमित रूप से संपर्क में रहे हैं। पिछले डेढ़ सालों में मैं और मेरे मित्र ओली जी चार बार मिल चुके हैं। जितनी अपेक्षा थी, उससे आधे समय में पाइपलाइन बनकर तैयार हुई है। इसका श्रेय ओली जी के नेतृत्व, नेपाल सरकार के सहयोग और हमारे संयुक्त प्रयासों को जाता है।

इस बहुप्रतीक्षित पाइपलाइन परियोजना का प्रस्ताव पहली बार साल 1996 में पेश किया गया था। लेकिन इसके आगे बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी रही। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेपाल दौरे के बाद इसमें गति आई। 2015 में दोनों देशों की सरकारों ने परियोजना के लिए एक समझौते पर दस्तखत किए। हर साल करीब 1.3 मिलियन टन ईंधन नेपाल भेजा जाएगा और 2020 तक इसे दोगुना किया जाएगा। जुलाई में दोनों देशों ने सफलतापूर्वक ऑयल पाइपलाइन के जरिए ट्रांसफर का परीक्षण भी किया था।

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