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New Delhi : पाकिस्तान के लाहौर में सिख शासक महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति खंडित करने का मामला सामने आया है। पाकिस्तानी उपद्रवियों द्वारा किए गए इस कृत्य से दुनिया भर में रह रहे सिखों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसका विरोध भारत में भी किया जा रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री केप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हूए पाकिस्तान सरकार से इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, “लाहौर में शाही किला में महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति के साथ छेड़छाड़ की गई। इसे सुनकर मैं हैरान हूं। हमारे सबसे सम्मानित सिख शासक की प्रतिमा का अपमान अत्यंत निंदनीय है। मैं पाकिस्तान सरकार से इसके दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग करता हूं,” सिंह ने ट्वीट किया।

आपको बता दें इस बीते हफ्ते लाहौर के शाही किला इलाके में दो उपद्रवियों द्वारा महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को तोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार उपद्रवी धार्मिक पक्षपात से प्रेरित थे।

मूर्ति जिस किले के अंदर स्थित है उसे रोज की तरह आम सैलानियों और दर्शकों के लिए खोला गया था। तभी मूर्ति को खंडित किया गया। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक दो लोग विक्लांग होने का दिखावा करके हाथ में लाठी लेकर किले के भीतर घुस गए थे। घुसने के बाद वो सीधे महाराजा की मूर्ति के पास पहुंच गए। इसके थोड़ी ही देर बाद दोनों ने लाठी से मूर्ति पर हमला किया और उसे पूरी खंडित करने का प्रयास किया। मूर्ति के हाथ और अन्य हिस्से तोड़ दिए गए। ये देख वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया। हमलावर महाराजा रणजीत सिंह के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे।

उन्हें तुरंत सुरक्षा गार्डों ने पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। उन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था जिन्होंने गजनी के महमूद के पुनर्जन्म का दावा किया था। एक पुलिस अधिकारी ने डॉन को बताया, “बदमाशों ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन ने मूर्ति को वहां से नहीं हटाया तो फिर से तोड़ृ-फोड़ करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा करना उनकी धार्मक मान्यताओं से जुड़ा है।”

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