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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी देश की 1.3 अरब आबादी पर ‘एक घुटनभरी’ विचारधारा थोपना चाहती है इसलिए विपक्षी दलों ने उसे सत्ता से बाहर करने का निर्णय लिया है और वह खुद देश का प्रधानमंत्री बनने को तैयार हैं। श्री गांधी ने शुक्रवार को यहां ’16वीं हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ में प्रमुख उद्योगपतियों, राजनयिकों, राजनेताओं तथा विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कहा कि गठबंधन के सहयोगी दल उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहेंगे तो वह जिम्मेदारी को लेने को तैयार हैं। सम्मेलन के दौरान सवाल जवाबों के सत्र में उनसे पूछा गया था कि कांग्रेस सत्ता में आती है तो क्या वह प्रधानमंत्री बनेंगे, श्री गांधी ने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दल अगर यह दायित्व सौंपेंगे तो वह जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पहले एकजुट होकर भाजपा को हराने का निर्णय लिया है और उसके बाद ही प्रधानमंत्री पद के बारे में विचार किया जाएगा।

कांग्रेस ने अध्यक्ष ने इस दौरान भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए और आरोप लगाया कि वह देश की 1.3 अरब की आबादी पर ‘एक मात्र, घुटनभरी विचारधारा’ थोप रही है।” सत्ता के नशा में चूर उन लोगों का दावा है कि ज्ञान पर उनका ही एकाधिकार है। वे लोगों की बात सुनने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन पर श्री गांधी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि लोकसभा चुनाव के लिए बसपा राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन का हिस्सा होगी। श्री गांधी ने दावा किया कि गठबंधन के बिना कांग्रेस मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान विधानसभा चुनाव जीतेगी। उन्होंने कहा कि राज्यों तथा केंद्र में अलग-अलग परिस्थितियां होती हैं, इसलिए गठबंधन भी स्थितियों के अनुसार अलग-अलग होते हैं। इसके कई कारण होते हैं और बसपा प्रमुख मायावती यह संकेत दिया भी है।

उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि यदि मध्य प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन होता है तो इसका परिणाम भी बहुत अच्छा होगा। श्री गांधी ने संवाद को लोकतंत्र के लिए आवश्यक बताया और कहा कि भारत में संवाद का महत्व है और हमारे यहां संवाद होता है। उन्होंने कहा कि जिस देश की सरकार का जनता से संवाद नहीं है तो उस सरकार का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ” भारत में सबका परस्पर संवाद होता है। हम दोहरेपन पर विश्वास नहीं करते हैं। हमें ऐसे भारत की कल्पना करनी है जहां किसी तरह का कोई भय नहीं हो।” नोटबंदी को लेकर उन्होंने सरकार पर हमला किया और कहा कि यह एक हास्यास्पद निर्णय था। उन्होंने आधार को लेकर भी सरकार को घेरे में लिया और कहा कि यह जीवन को बेहतर और सरल बनाने का उपाय था लेकिन इसके जरिए लोगों पर नजर रखी जा रही है।

                                                                                                                   –साभार, ईएनसी टाईम्स

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