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मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में बचिच्यों के साथ हुए यौन उत्पीड़न के विरोध की अगुवाई तेजस्वी यादव ने की। एकजुट विपक्ष ने नीतीश सरकार के खिलाफ दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन किया। कभी नीतीश के खास रहे शरद यादव, जीतनराम मांझी ने जमकर नीतीश सरकार को खरी-खोटी सुनाई।

तेजस्वी का नीतीश तो राहुल का बीजेपी-संघ पर वार

बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिये तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने दिल्ली के कैंडल मार्च निकाला और नीतीश कुमार से दोषियों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की। तेजस्वी यादव ने बिहार में जंगलराज नहीं राक्षसराज कहते हुए नीतीश और बीजेपी सरकार पर वार किया। फांसी की सजा देने की मांग के साथ ही सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मुजफ्फरपुर कांड की जांच की मांग की कहा नीतीश चाचा की अंतरात्मा जगाने के लिये दिल्ली आने की नौबत आई।

रेप कांड के खिलाफ कैंडल मार्च, तेजस्वी का शक्ति प्रदर्शन

बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिये हुआ यह आयोजन मिशन 2019 को ध्यान में रख सियासी अखाड़े में ज्यादा तब्दील होता दिखा। राहुल गांधी देश की महिलाओं की हिफाजत की बात करते-करते यह कहने से नहीं चूके कि, एक तरफ बीजेपी और संघ के लोग और दूसरी तरफ पूरा देश है। मॉब लिंचिंग की तरफ इशारा करते हुए कहा कि, कमजोर पर खुलेआम आक्रमण हो रहा है।

पीएम मोदी-सीएम नीतीश के खिलाफ मुकाबले की तैयारी

बच्चियों के साथ बलात्कार बिहार में हुआ लेकिन उसकी ललकार दिल्ली में सुनाई पड़ी। इसका स्वागत किया जाना चाहिये लेकिन अफसोस इस बात का है कि यहां मंच से नेताओं ने अपनी सियासी तलवारें चमकाईं। कुल मिलाकर बिहार में बलात्कार के खिलाफ दिल्ली में विपक्षी नेताओं की ललकार में जमकर सियासी छौंक दिये गये।

पीड़ित बेटियों को इंसाफ दिलाने की बजाय सियासत क्यों?

इनेलो नेता दुष्यंत चौटाला, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी धरना और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और नीतीश सरकार पर जमकर जुबानी जमा खर्च किये। केजरीवाल ने रेप कांड में शामिल दोषियों को तीन महीने में फांसी की सजा देने की मांग की। लेकिन राहुल गांधी जब तक पहुंचे तब तक केजरीवाल भाषण देकर निकल चुके थे। राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का आमना-सामना तक नहीं हुआ।

क्या तेजस्वी ने जंगलराजको राक्षसराजसे बेहतर बताया?

हालांकि तेजस्वी यादव ने भी दोषियों के लिये फांसी की सजा की मांग की। साथ ही उनके जंगलराज की बजाय बिहार में फैले राक्षसराज के बयान पर भी गौर करना होगा क्योंकि जंगलराज कभी आरजेडी शासन के लिये इस्तेमाल किया जाता रहा है। साफ है कि, तेजस्वी यादव ने नीतीश और बीजेपी की दोस्ती को उससे भी बदतर साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते।

तेजस्वी का नीतीश हटाओ, राहुल का मोदी हटाओ अभियान !

जाहिर है तेजस्वी की सियासी नजर बिहार में नीतीश की सत्ता को पटकनी देने तो राहुल की नजर विपक्षी एकता के भरोसे मोदी को शिकस्त देने की पटकथा लिखने में व्यस्त है।

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