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अयोध्या में राम मंदिर का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है लेकिन उससे पहले राम मंदिर निर्माण के लिए नेताओ की बयानबाजी जारी है। इस कड़ी में अब भाजपा नेता साध्वी प्राची ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राम जी का मंदिर धूमधाम से बनेगा। इसका शिलान्यास भी हमें 6 दिसंबर को ही करना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के अंदर हिंदुस्तान के हिंदुओं को बुलाओ और राम मंदिर की घोषणा करो। इसके बाद किसी की जरूरत नहीं है राम मंदिर बन जाएगा। उन्होंने यह बात शनिवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कही।

बता दें अखिल भारतीय संत समिति की ओर से अयोध्या राम मंदिर के मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए शनिवार को देशभर के अलग-अलग स्थानों से करीब 3,000 की संख्या में साधु-संत तालकटोरा स्टेडियम में जमा हुए। संतों की इस धर्मसंसद में राम मंदिर निर्माण की रणनीति बनाई जा रही है। साधु-संतों की यह बैठक तालकटोरा स्टेडियम में 2 दिन तक चलेगी जिसमें देशभर के 125 संप्रदायों के संतों के पहुंचने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इस महासम्मेलन में राम मंदिर को लेकर किसी बड़े आंदोलन का ऐलान किया जा सकता है।

दरअसल संत समाज की यह बैठक संघ के बयान के एक दिन बाद ही हो रही है जिसमें कहा गया था कि जरूरत पडऩे पर एक बार फिर देश में 1992 जैसा आंदोलन किया जाएगा। संतों की इस धर्मसंसद में 127 हिंदू संगठनों के संत, शंकराचार्य और हिंदू संगठनों के साधु हिस्सा लेंगे जिसमें साध्वी ऋतंभरा भी शामिल होंगी।

इससे पूर्व आरएसएस नेता भैया जी जोशी ने संघ की बैठक के बाद कहा कि उन्हें और हिंदू समाज को कोर्ट से राममंदिर के बारे में दिवाली तक अच्छा फैसला आने की उम्मीद थी। लेकिन कोर्ट के द्वारा सुनवाई टालने से हिंदू समाज में निराशा पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को राममंदिर निर्माण के लिए उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार करना चाहिए। अगर किसी तरीके से बात न बने तो उसे कानून बनाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह कहकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो राममंदिर निर्माण के लिए साल 1992 की तरह दोबारा आंदोलन करेंगे।

वहीं उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को लेकर कोई योजना बनाई होगी जो भगवान राम की जन्मभूमि है। उन्होंने कहा कि दीपावाली आने दीजिये, आपको अच्छी खबर मिलेगी। इसके बाद तोगड़िया ने कहा कि आज जब उन्हीं की सरकार है तो वे आंदोलन किसके खिलाफ करेंगे और इसकी क्या आवश्यकता है। आरएसएस केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण करने के लिए आदेश क्यों नहीं देता।

वहीं, योगगुरु बाबा रामदेव ने राम मंदिर निर्माण पर कहा कि न्यायालय से निर्णय में देरी हुई तो संसद में इसका बिल आएगा और आना भी चाहिए। राम जन्मभूमि पर राम का मंदिर नहीं बनेगा तो किसका बनेगा। इसीलिए सारे संतों ने और इस भारत भूमि के राम भक्तों ने यह संकल्प व्यक्त किया है कि अब राम मंदिर में अब और देरी नहीं होगी। बाबा रामदेव ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इसी वर्ष कुछ शुभ समाचार मिल सकता है। संसद लोकतंत्र में सर्वोपरि है और संसद चाहेगी तो राममंदिर क्यों नहीं बनेगा।’

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