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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के मध्यप्रदेश की चुनावी यात्रा के दौरान मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे जाने के मुद्दे को लेकर राजनैतिक बयानबाजी शुरू हो गयी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उपाध्यक्ष प्रभात झा ने आज कहा कि जब राहुल गांधी को जनता ने नकार दिया है तो क्या उन्हें मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारा जाने से रोका जा सकता है।

प्रभात झा ने यहां मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि राहुल गांधी तो क्या, किसी भी व्यक्ति को मंदिर, मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थल जाने से नहीं रोका जा सकता है। लेकिन राहुल गांधी को देश की जनता ने नकार दिया है। इसलिए अब वह मंदिर आदि की शरण में जा रहे हैं। उन्हें इस से नहीं रोका जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा जिले के सिरोंज में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी के धार्मिक स्थलों पर जाने का जिक्र किया और कहा कि चुनाव आते ही कांग्रेस के नेता मंदिर और मस्जिदों में घूमने लगे हैं। खुद राहुल गांधी त्रिपुंड (माथे पर विशेष प्रकार का तिलक, जो शिवभक्त की पहचान है) लगाकर जनता से वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर आपत्ति नहीं है कि वे मंदिर जाएं या मस्जिद में। लेकिन त्रिपुंड लगाने से वोट नहीं मिला करते हैं।

वहीं प्रदेश कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने एक बयान में कहा कि राहुल गांधी मंदिर या मस्जिद कहीं पर भी जाएं, भाजपा नेताओं के पेट में दर्द क्यों होता है। भाजपा को अपने मसलों पर ही ध्यान देना चाहिए।

राहुल गांधी कल से ग्वालियर और चंबल संभाग की यात्रा पर हैं, जो आज शाम समाप्त हो गयी। इस दौरान वे मंदिर, मस्जिद और गुरूद्वारे भी गए। उनके इस तरह के फोटो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो रहे हैं।

राज्य में विधानसभा चुनाव का बिगुल फूका जा चुका है और मतदान 28 नवंबर को होगा। वर्ष 1993 से 2003 तक कांग्रेस लगातार दस वर्षों तक सत्ता में रही थी। नवंबर दिसंबर 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल कर कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फेका था। तबसे कांग्रेस विपक्ष में ही है। भाजपा लगातार चौथी बार विजय हासिल करने के लिए जुटी है, जबकि कांग्रेस कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को आगे रखकर फिर अपनी सरकार बनाने के लिए पुरजोर कोशिश में लगी है।

                                                                                                              -साभार,ईएनसी टाईम्स

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