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बिहार बोर्ड की 10वीं बोर्ड के नतीजे घोषित होने के साथ ही एक बार फिर परिणामों पर सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट सिमुलतला स्कूल के छात्रों का दबदबा कायम रहा। टॉपर्स की ‘फैक्ट्री’ कहे जाने वाले इस स्कूल का रिजल्ट हमेशा खास रहा है। इस साल के रिजल्ट की विशेषता यह है कि मैट्रेक के रिजल्ट में सिर्फ जमुई का सिमुलतला स्कूल का बोलबाला रहा है। टॉप-10 में रहने वाले 23 परीक्षार्थियों में से 16 छात्र-छात्राएं इसी स्कूल के हैं।

टॉपर्स लिस्ट में टॉप के तीनों स्थानों पर सिमुलतला स्कूल की छात्राओं ने ही कब्जा किया। बिहार के जमुई जिले के पहाड़ों में स्थित सिमुलतला स्कूल की मेधावी छात्रा प्रेरणा राज ने 91.4 फीसदी अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है, वहीं दूसरे स्थान पर प्रज्ञा और शिखा कुमारी ने कब्जा किया है। टॉपर्स लिस्ट में तीसरे स्थान पर जमुई सिमुलतला स्कूल की ही अनुप्रिया कुमारी हैं।

सिमुलतला: बिहार का नेतरहाट

इससे पहले 2015 की मैट्रिक परीक्षा में टॉप-10 में आने वाले 31 में से 30 छात्र यहीं के थे। 2016 में भी इसी विद्यालय से टॉपर था। बीते दो सालों से जेईई मेन के रिजल्ट में भी यहीं के दर्जनों छात्र सफल होते रहे हैं।

Simultada school CM Nitish's dream project And 'factory' of toppers

बिहार का नेतरहाट कहे जाने वाले सिमुलतला स्कूल में क्लास छठवीं में नामांकन होता है। कक्षा 6 मे नामांकन के लिए 120 सीटें हर साल के लिए निर्धारित है। जिसमें 60 सीटें लड़कों के लिए जबकि 60 लड़कियों के लिए हैं। यहां एडमिशन के लिए कड़ी लिखित परीक्षा ली जाती है। ये परीक्षा बिहार बोर्ड लेता है। यहां बिहार राज्य की किताबों के साथ ही NCERT किताबों से भी पढ़ाई कराई जाती है। पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी है। छात्रों के व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास के लिए को-करिकुलर एक्टिविटीज भी कराई जाती है। छात्रों को पढ़ते समय कोई भी परेशानी आती है तो शिक्षक पूरे समय उनकी समस्या सुलझाने के लिए मौजूद रहते हैं।

पहाड़ों की खूबसूरती के बीच सिमुलतला स्कूल

जमुई में घने जंगलों और पहाड़ों की खूबसूरती के बीच बने सिमुलतला स्कूल की स्थापना 9 अगस्त 2010 को की गई थी। ये नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। स्कूल को पूरी तरह बिहार सरकार फंडिंग करती है। सिमुलतला आवासीय विद्यालय का संचालन सिमुलतला एजुकेशन सोसायटी करती है। इस स्कूल के संचालन के लिए तीन तरह की अलग-अलग कमिटियां है जिसमे सूबे के शिक्षा मंत्री, विभाग के महासचिव से लेकर जिले के डीएम और स्कूल के प्राचार्य तक शामिल हैं।

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