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हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने हिमाचल प्रदेश और गुजरात में जीत दर्ज की। जहां हिमाचल में एंटी-इनकम्बेसी का फायदा उठाते हुए बीजेपी ने आसान जीत दर्ज किया, वहीं गुजरात में उसे कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिली। हम गुजरात चुनाव के कई आकड़ों से आपको रूबरू करा ही चुके हैं लेकिन आज हम आपको इन चुनावों से जुड़े और भी कुछ रोचक पहलुओं की जानकारी देंगे।

काफी रोचक रहा चुनाव

ऊपरी आकड़ों से देखें तो दोनों प्रदेशों में बीजेपी के सीटों की संख्या कांग्रेस से काफी अधिक थी लेकिन कई सीटों पर उम्मीदवारों के बीच में रोचक और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। इन सीटों पर प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर 1000 से भी कम रहा। हिमाचल प्रदेश की पांच सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। इनमें सबसे दिलचस्प मुकाबला किन्नूर विधानसभा सीट पर देखने को मिला जहां कांग्रेस के उम्मीदवार जगत सिंह नेगी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी तेजवंत नेगी को सिर्फ 120 वोटों से हराया है। वहीं बरसर, कसौली और डलहौजी जैसे सीटों पर भी जीत का अंतर 1000 से भी कम रहा।

दूसरी तरफ गुजरात में सबसे रोचक और दिलचस्प मुकाबला कपराड़ा सीट पर देखने को मिला जहां पर कांग्रेस उम्मीदवार जीतूभाई चौधरी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और बीजेपी के प्रत्याशी मधुभाई राउत को महज 170 वोटों से हराया। वहीं देवधर, डांग, हिम्मतनगर, पोरबंदर, विजापुर, मानसा, गोधरा, बोटाद और ढोलका सीट पर भी प्रत्याशियों के जीत का अंतर 2000 से भी कम रहा। कुल 13 सीटों पर बीजेपी को 5000 से कम के अंतर से जीत हासिल हुई।

विधानसभा चुनाव के इन रोमांचक मुकाबलों के बीच बीजेपी के भूपेंद्र पटेल सबसे बड़े विजेता बनकर उभरे। उन्होंने घटलेडिया सीट से कांग्रेस के शशिकांत पटेल को 1.17 लाख वोट से हराया।

पीएम मोदी गुजरात तो जीतें लेकिन अपने गृहनगर में ही हारे

बीजेपी शुरूआती दौर में इस चुनाव में पिछड़ रही थी जब तक पीएम मोदी ने खुद प्रचार की बागडोर को अपने हाथ में नहीं लिया। पीएम मोदी ने अपने भावनात्मक प्रचार से गुजरात के किले को तो बचा लिया लेकिन अपने गृहनगर वडनगर के विधानसभा उंझा सीट को नहीं बचा पाएं। उंझा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार आशा पटेल ने बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा विधायक नारायण पटेल को 19000 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। वहीं पास के बेचराजी सीट पर भी कांग्रेस के भरतजी सोनाजी ठाकोर ने बीजेपी के रजनीकांत सोमाभाई पटेल को 15811 मतों के बड़े अंतर से हराया। आपको बता दें कि यह दोनों विधानसभा सीटें पिछली बार भाजपा के पास थी।

गुजरात में दोगुने हुए मुस्लिम विधायक

पिछली बार की तुलना में इस बार दोगुने मुस्लिम विधायक गुजरात विधानसभा में प्रवेश करेंगे। हालांकि यह संख्या अब भी काफी कम थी। गुजरात विधानसभा में पहले मुस्लिम विधायको की संख्या 2 थी जो अब बढ़ कर 4 हो गई है। ये सभी विधायक कांग्रेस के हैं क्योंकि भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया था। कांग्रेस ने इस बार 6 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था जिसमें 4 को जीत मिली है।

इस रिकॉर्ड के मामले में कांग्रेस अब भी है आगे

इस बार के चुनाव में जीत दर्ज करने के साथ ही बीजेपी गुजरात में लगातार पांचवीं बार जीतने में कामयाब रही। हालांकि यह अब भी एक रिकॉर्ड नहीं है और असल रिकॉर्ड कांग्रेस के नाम है। कांग्रेस 1962 से 1985 तक के बीच लगातार छ: बार चुनाव जीतकर गुजरात में सरकार बनाने में सफल रही थी। बीजेपी अब तक गुजरात में 1995 से 2017 के बीच में लगातार पांच बार जीत दर्ज कर चुकी है। कांग्रेस का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए उसे अभी और इंतजार करना होगा।

गुजरात में बीजेपी को पहली बार मिली 100 से कम सीटें

बीजेपी गुजरात में लगातार पांचवीं बार जीत तो गई लेकिन उसे पहली बार इस राज्य में 100 से कम सीटें मिली। इससे पहले पिछले चार बार की जीत में बीजेपी को हर बार 100 से ऊपर सीटें मिली थी।

मोदी की 12वीं जीत तो राहुल की 29वीं हार

modi-rahulपीएम नरेंद्र मोदी ने अपने तीन साल के कार्यकाल में बीजेपी को 12वीं जीत दिलाई है। इससे पहले जब इंदिरा गांधी 1967 में सत्ता में आई थी तो उन्होंने अपने तीन साल के कार्यकाल में 17 में से 13 चुनावों में जीत दिलाई थी। वहीं यह राहुल गांधी के उपाध्यक्ष और अब अध्यक्ष बनने के बाद 29वीं हार है।

देश का हो रहा है भगवाकरण

BJPभगवा पार्टी माने जाने वाले बीजेपी के पास अब अपने सहयोगियों के साथ कुल 19 राज्यों में सरकारें है। अब बीजेपी के देशभर में कुल 1428 विधायक हो गए है। यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे अधिक विधायक होने का एक रिकॉर्ड है। इसके उलट पूरे देश भर में अब कांग्रेस के सिर्फ 766 विधायक बचे हैं, जो इतिहास में सबसे कम है। इन दो राज्यों में जीत के साथ ही बीजेपी अब देश के 75% इलाके, 68% आबादी और 54% इकोनॉमी पर काबिज हो चुकी है।

केजरीवाल हुए फेल

kejriwalगुजरात चुनाव में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुल 29 सीटों पर आप उम्मीदवारों को उतारा था लेकिन इन सबकी जमानत जब्त हो गई। अनेक उम्मीदवारों को तो नोटा से भी कम वोट मिलें। वहीं इनके 16 उम्मीदवारों को 500 से भी कम वोट मिले। इससे पहले पंजाब चुनाव में केजरीवाल की पार्टी को आशातीत सफलता मिली थी।

मंदिर पॉलिटिक्स का भी रहा खासा असर

mandirपूरे गुजरात चुनाव के दौरान मंदिर पॉलिटिक्स का खासा असर रहा। दोनों दल के प्रमुख नेताओं राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान लगातार मंदिरों के भी दौरे किए। राहुल गांधी इन चुनावों के दौरान 27 मंदिरों में गए जिनके प्रभाव में 87 सीटें आती थी। इसका फायदा भी गुजरात चुनाव में कांग्रेस को दीखता हुआ मिला।

-दया सागर

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