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आम्रपाली ग्रुप पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के 45 हजार फ्लैट खरीददारों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली की सभी अधूरी परियोजनाओं को नेशनल बिलडिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) पूरा करेगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने RERA के तहत आम्रपाली समूह की कंपनियों के पंजीकरण को रद्द कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के डायरेक्टर की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया। फिलहाल आम्रपाली के सीएमडी समेत अन्य जेल में बंद हैं। इससे पहले जस्टिस अरुण मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ ने 10 मई को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा और नोएडा अथॉरिटी को यह बताने का निर्देश दिया था कि आप यह बताएं साल 2009 में जमीन के आवंटन के बाद 10 प्रतिशत भुगतान किया गया, उसके बाद बिल्डर ने आवंटन की शर्तों को पूरा नहीं किया, तो आपने इसे रद्द क्यों नहीं किया? साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि आप बताएं प्रोजेक्ट को आप कैसे पूरा करेंगे। इस पर प्राधिकरण की तरफ से कहा गया था कि उनके पास इतना बजट नहीं है कि वे इन फ्लैट को तैयार कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोएडा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी भी लापरवाही की जिम्मेदार है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने निगरानी नहीं की है। लीज डीड में गंभीर गड़बड़ी की गई है। लिहाजा लीज कैंसिल की जाती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि फ्लैट खरीदारों से जमा कराई गई रकम की हेराफेरी की गई।

SC ने कहा कि, फॉरेंसिक ऑडिट में भी फ्लैट खरीदारों की कमाई में फ्रॉड की पुष्टि हुई है। लिहाजा RERA के तहत आम्रपाली का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर NBCC फ्लैट बनाकर खरीदारों को देगी। इसमें NBCC को 8 फीसदी कमीशन मिलेगा। FEMA के तहत भी ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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