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New Delhi: सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने जेएनयू की पूर्व छात्रनेता शेहला राशिद पर एक आपराधिक शिकायत दर्ज की है। इस शिकायत में कथित तौर पर भारतीय सेना और भारत सरकार के खिलाफ फर्जी खबरें फैलाने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई है।

आपको बता दें कि शेहला राशिद ने रविवार को कश्मीर के हालात के ऊपर 10 ट्वीट किए। इनमें उन्होंने दावा किया कि घाटी में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से हालात बहुत खराब हैं। लेकिन उनके ये दावे भारतीय सेना ने खारिज कर दिए।

शेहला ने सिक्योरिटी फोर्सेज और उनकी कथित कार्रवाई को लेकर भी कुछ गंभीर इल्जाम लगाए थे। उन्होंने अपने ट्वीट्स में लिखा था, ”आर्म्ड फोर्सेज़ रात के वक़्त लोगों के घरों में घुस रहे हैं। वो लड़कों को पकड़ते हैं, घर उथल-पुथल कर देते हैं, जान-बूझकर राशन को फर्श पर बिखेर देते हैं, तेल में चावल मिला देते हैं। शोपियां (दक्षिणी कश्मीर) में चार लोगों को आर्मी कैंप में बुलाकर उन्हें टॉर्चर किया गया। ऐसा करते हुए एक माइक को उनके मुंह के पास रखा गया, ताकि उनकी चीखें इलाके के लोग सुन सकें। इस वजह से पूरे इलाके में ख़ौफ का माहौल है।”

इसके अलावा उन्होंने लिखा, ”कश्मीर से कुछ लोग आ रहे हैं जो वहां की स्थिति के बारे में कुछ चीजें बता रहे हैं:
1- श्रीनगर और पड़ोसी जिलों में थोड़े मूवमेंट की इजाजत है। लोकल प्रेस पर प्रतिबंध लगा हुआ है।

2- खाना पकाने के गैस की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियां बंद हैं।

3- गैस स्टेशन शाम सात बजे के बाद खुलते हैं। शहरी इलाकों में पेट्रोल और डीज़ल उपलब्ध है। हाईवे पर कुछ जगहों में फिलिंग स्टेशन खुले हैं।

4- राशन मिल रहा है। बच्चों का खाना खोजने में समस्या आ रही है। लोगों के पास दवाएं खत्म होने लगी हैं।”

इन सभी आरोपों का भारतीय सेना ने जवाब दिया। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, भारतीय सेना ने कहा, ”शेहला राशिद के द्वारा लगाए आरोप का कोई आधार नहीं है। इन्हें खारिज करते हैं। गलत इरादे वाले तत्व और संगठन जनता को भड़काने के उद्देश्य से ऐसी अपुष्ट और फर्जी खबरें फैलाते हैं।”

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