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भारत ने आज कहा कि फ्रांस के साथ उसके रक्षा संबंध काफी व्यापक और बहुत लंबे समय से चले आ रहे हैं, जबकि फ्रांस ने कहा है कि ‘भारत का शक्तिशाली होना वैश्विक हित में है।’ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और भारत की यात्रा पर आये फ्रांस के रक्षा मंत्री जीन येव ले द्रांय ने यहां एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद आतंकवाद से मिलकर लड़ने पर सहमति जतायी।

फ्रांसीसी रक्षा मंत्री के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में स्वराज ने कहा, “भारत के फ्रांस के साथ रक्षा संबंध काफी लंबे समय से चले आ रहे हैं और ये बहुत व्यापक हैं।” उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की बैठक में रक्षा उत्पादों के संयुक्त विनिर्माण के साथ-साथ कई अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से बात हुई। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की गत अक्टूबर में फ्रांस यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने के प्रति वचनबद्ध हैं।

भारत में फ्रांस के राजदूत एलेक्जेंडर जिगलर ने एक टि्वट करके कहा कि दोनों विदेश मंत्रियों के बीच बहुत ही सार्थक बैठक हुई है। फ्रांस का मानना है कि भारत का शक्तिशाली होना वैश्विक हित में है। जलवायु परिवर्तन पर पेरिस में होने वाली बैठक और भविष्य में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत का काफी महत्व रहेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने भी कहा है कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने सामरिक भागीदारी बढाने, हिन्द प्रशांत क्षेत्र, नागरिक परमाणु सहयोग, रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, व्यापार और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग के बारे में विस्तार से बातचीत की।

पिछले छह महीनों में दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह दूसरी द्विपक्षीय बैठक है। इनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर विचारों के आदान प्रदान की प्रक्रिया को जारी रखना है।सूत्रों के अनुसार फ्रांसीसी विदेश मंत्री का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इलेक्ट्रॉनिक और संचार प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से भी मिलने का कार्यक्रम है।

-साभार, ईएनसी टाईम्स

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