Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

भारत की लगातार कोशिशों के बाद बुधवार को जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने का ऐलान किया जा सकता है।  हालांकि, इस मामले में चीन की तरफ से एक बार फिर टांग अड़ाने की आशंका है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज (बुधवार) आतंकी मसूद अजहर को ग्लोबल आंतकवादी घोषित करने का प्रस्ताव आने वाला है। अगर सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य चीन अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन द्वारा लाए जा रहे इस प्रस्ताव में अड़ंगा नहीं लगाता है तो आज मसूद ग्लोबल आतंकी घोषित हो जाएगा।

वहीं भारत ने अमेरिका और फ्रांस के साथ पुलवामा आतंकी हमले के बाद कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज शेयर किए हैं ताकि मसूद के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किया जा सके और चीन सबूतों का बहाना करके मसूद अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित होने से न बचा सके। बता दें कि 2017 में भी चीन ने अड़ंगा लगाकर जैश सरगना मसूद को  वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचा लिया था।

अमेरिका की ओर से बयान में कहा गया है, ‘जैश-ए-मोहम्मद के अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है और मसूद उसका सरगना है। ऐसे में उसे भी ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाना चाहिए। मसूद अजहर भारतीय उपमहाद्वीप में शांति के लिए खतरा है। ‘

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि क्षेत्र में शांति स्थापित होनी चाहिए। अगर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन नहीं लगता है तो शांति का मिशन फेल साबित हो सकता है।

आपको बता दें कि पिछले दिनों जारी नोटीफिकेशन में कहा गया था कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की तरफ से आतंकवादी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी की सूची में शामिल करने और अलकायदा को प्रतिबंधित सूची में शामिल करने का प्रस्ताव मिला है। सुरक्षा परिषद का एक अन्य स्थायी सदस्य रूस भी इस प्रस्ताव का समर्थन करेगा।

गौरतलब है कि मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की कवायद के बीच पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ तनाव कम करने के लिए मसूद अजहर पर कार्रवाई करने का फैसला किया था। जिसके तहत पाकिस्तान ने कुछ आतंकवादी ठिकानों और मदरसों को कब्ज़े में ले लिया था।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में मसूद के खिलाफ ये प्रस्ताव फ्रांस ने रखा था, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन ने इसका समर्थन किया था। इन तीनों देशों ने कारण भी बताया है कि मसूद अज़हर को क्यों अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया जाना चाहिए। रूस इसमें पार्टी न होने के बावजूद इस प्रस्ताव का समर्थन करेगा। रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य है।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.