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इलाहाबाद के मुट्ठीगंज इलाके में रहने वाले जमुना क्रिश्चयन इंटर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल आर के गवन ने बुधवार शाम अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उनके पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट और शव को कब्जे में ले लिया है। सुसाइड नोट में उन्होंने मरने से पहले उत्पीड़न का दर्द लिखते हुए अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने लिखा कि जमीन पर कब्जे को लेकर तीन लोगों से उनका विवाद चल रहा था। इसी मामले में उनके बेटे के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।

उन्होंने लिखा है कि मेरा कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है,। कोर्ट कचहरी मैंने अपने जीवन में कभी जानी नहीं है। उन्होंने लिखा है कि अब मेरे पास आत्महत्या के सिवा कोई रास्ता नहीं है। हालांकि बुजुर्ग ने पुलिस और प्रशासन पर भरोसा जताते हुए अपनी कम्युनिटी के अन्य लोगों से कहा है कि आपको इंसाफ मिलेगा।

पूर्व प्रिंसिपल ने सुसाइड नोट की शुरुआत में ही तीन लोगों का जिक्र किया है। लिखा है, रूद्रनारायण पाठक, उदय प्रताप सिंह तथा शिव बहादुर सिंह ने मुझ जैसे सरल और शांतिप्रिय नागरिक को अपराधी आरोपित कर दिया।

बुजुर्ग आरके गॅवन के फांसी लगाकर जान देने की खबर फैलते ही उनके आवास पर भारी भीड़ जुट गई। सुसाइड नोट में उत्पीड़न की बात सामने आने पर ईसाई समुदाय के लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लिया तो कुछ लोग कहासुनी करने लगे। खींचतान भी हुई। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि फोटोकापी आपको भी दी जाएगी तो घरवाले संतुष्ट हुए।

कम्युनिटी के लोगों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने बिना जांच के मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल कर दी, यह अन्याय है।

पुलिस ने बताया कि कटघर इलाके की एक जमीन को लेकर उनका दो वर्ष पहले से कुछ लोगों से विवाद था।

गवन के बेटे की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि उनके पिता समेत कैंपस में रहने वाले मसीही समुदाय के लोगों का पिछले दो साल से उत्पीड़न किया जा रहा था। उत्पीड़न करने वाले समुदाय की जमीनों पर कब्जा करना चाह रहे थे।

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