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ऐसी हैवानियत देख भगवान भी सोचते होंगे कि उन्होंने इंसान बनाए हैं या हैवान। मुजफ्फरपुर बालिका गृह में यौन शोषण की शिकार लड़कियों ने जो आपबीती सुनाई है वो रोंगटे खड़े कर देने वाली है। लड़कियों की दुख भरी दास्तां ज्यों-ज्यों सामने आ रही है, वैसे-वैसे और बड़े खुलासे भी होते जा रहे हैं। पीड़ित लड़कियों ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने अपनी आपबीती सुनाई है। एक 10 साल की लड़की ने बताया, ‘जैसे ही सूरज डूबता था, लड़कियां डरी हुई रहती थीं। वो रातें आतंक से भरी हुई थीं।’ बिहार ने सरकार ने मामले में संज्ञान लेते हुए सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि इस केस में अभीतक करीब 29 लड़कियों के साथ रेप की बात कही जा रही थी, लेकिन अब 34 लड़कियों के साथ हैवानियत की पुष्टि हुई है।

बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका गृह रेप मामले में बच्चियों ने कोर्ट में अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एनजीओ मालिक उनके साथ रेप करते और कराते थे। ये लड़कियां पिछले कई महीनों से दरिंदगी का शिकार हो रही थीं। दरिंदगी की शिकार हुईं लड़कियों में कुछ तो 7 से 13 साल की हैं। पुलिस ने अब तक इस मामले में 11 आरोपियों में से 10 को गिरफ्तार कर लिया है।  स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के सामने दिए गए बयान में लड़कियों ने बताया कि उन्हें बुरी तरह पीटा जाता था, भूखा रखा जाता था, ड्रग्स के इंजेक्शन दिए जाते थे और तकरीबन हर रात उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था।  मुजफ्फरपुर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने शनिवार को कहा, ‘शेल्टर होम की 29 नहीं बल्कि 34 लड़कियों के साथ रेप किया गया है।’ गौरतलब है कि पिछले सप्ताह करीब 42 लड़कियों का मेडिकल परीक्षण किया गया था जिसमें 29 के साथ रेप की पुष्टि हुई थी।

खबरों के मुताबिक, इस मामले में बिहार सरकार में मंत्री मंजू वर्मा के पति का नाम भी सामने आया। जिसके बाद मंजू वर्मा ने इन आरोपों को आधारहीन बताया। वहीं दूसरी तरफ कोर्ट में अधिकतर लड़कियों ने बताया कि सबसे ज्यादा रेप एनजीओ का संचालक ब्रजेश ठाकुर करता था। बता दें इस संस्था का नाम सेवा संकल्प और विकास समिति है। पीड़ित लड़कियों ने बताया कि ब्रजेश को वहां हंटर वाले अंकल के नाम से जाना जाता था। एक 10 साल की बच्ची ने बताया कि अगर संचालक की बात न मानी जाती तो वह उन्हें छड़ी से पीटता था। एक दूसरी लड़की ने बताया, ‘हम रोज किरण मैडम को इस बारे में बताते थे। उनसे बचाने की गुहार लगाते थे, लेकिन वह कुछ नहीं करती थीं। वह हमारी बात नहीं सुनती थीं।’ मालूम हो कि किरण सहित तीन महिलाओं को बालिका गृह में बच्चियों की देखरेख के लिए रखा गया था। इन्हें भी गिरफ्तार किया गया है। एक और लड़की ने कहा, ‘मेरे साथ एनजीओ के लोगों ने और कई बाहरी लोगों ने कई बार रेप किया। मैं कई दिनों तक चल नहीं पा रही थी। कई बार मुझे बालिका गृह से बाहर ले जाया जाता था। इस मामले में बालिका गृह से सात महिलाएं गिरफ्तार की गई हैं। लड़कियों के साथ हैवानियत की सारी सीमाएं पार की गई हैं। अब वे सुरक्षित माहौल में हैं।

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