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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अंग्रेजी अखबार ‘राइजिंग कश्मीर’ के संपादक ‘शुजाअत बुखारी’ व उनके दो सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) की हत्या के मामले में बाइक सवार तीन संदिग्ध आरोपियों की तस्वीर जारी कर लोगों से इन्हें पहचानने की अपील की है। पुलिस ने संदिग्ध आरोपियों की तस्वीर कश्मीर जोन के अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की और लोगों से अपील करते हुए लिखा, कि आम जनता से अनुरोध है कि प्रेस एन्क्लेव में आतंकवादी हमले में शामिल संदिग्धों की तस्वीरों से पहचान करें। बुखारी पर गोलीबारी के बाद तीन युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर क्षेत्र से भागते हुए दिखाई दिए हैं।Sjujaat Bukhari murder case

विदित है कि बुखारी पर वर्ष 2006 में भी इसी तरह से हमले हुए थे। पुलिस के अधिकारियों ने बताया, कि बुखारी श्रीनगर के प्रेस एंक्लेव स्थित अपने कार्यालय से एक इफ्तार पार्टी के लिए जा रहे थे कि तभी अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर हमला कर दिया। जिसके कारण उनकी तथा उनके एक एसपीओ की मौके पर ही मौत हो गई तथा एक अन्य एसपीओ की अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हुई। बुखारी की हत्या की देश और विदेशों में भी निंदा की जा रही है। शुक्रवार को बुखारी को उनके पैतृक गांव में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। जम्मू-कश्मीर के बारामूला में उनको आखिरी बिदाई देने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग जनाजे में शामिल हुए।Bukhari Murder Case

वहीं जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उनकी मौत पर दुःख जताते हुए कहा, कि वह बुखारी के आकस्मिक निधन की खबर सुनकर स्तब्ध और दुखी हैं। आतंकवाद की बुराई ने ईद की पूर्व संध्या पर अपना घिनौना चेहरा दिखाया है।  मैं बर्बर हिंसा के कृत्य की कड़ी निन्दा करती हूं और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।

वहीं बुखारी के निधन की खबर सुनने के बाद पाकिस्तान विदेश विभाग ने ट्वीट करते हुए कहा, कि हमारी संवेदनाएं और प्रार्थना उनके परिवार के साथ है। हिंसा खत्म होनी चाहिए और अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए।

वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, ‘काम जारी रहना चाहिए, शुजात भी होते तो यही चाहते। यह आज का राइजिंग कश्मीर का अंक है। इस बेहद दुख की घड़ी में भी शुजात के सहयोगियों ने अखबार निकाला, जो उनके पेशवराना अंदाज का साक्षी है और दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि देने का सबसे सही तरीका है।’ बुखारी की हत्या की जम्मू-कश्मीर समेत पूरे भारत में निंदा हो रही है।Shujaat Bukhari

वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह आतंकियों की कायराना हरकत है। वह एक साहसी और निडर पत्रकार थे। यह हमला ऐसी आवाजों को चुप कराने की कोशिश है। तो वहीं राहुल गांधी ने कहा, कि मैं राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या के बारे में सुनकर दुखी हूं। वह बहुत बहादुर थे जो जम्मू-कश्मीर में न्याय और शांति के लिए निडरता से लड़े। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।

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