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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी तीन मंत्री एमएलसी के रूप में निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इन तीन मंत्रियों में प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, दिनेश शर्मा और परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह  शामिल हैं। इन चारों प्रत्याशियों का चयन निर्विरोध हुआ क्योंकि विधानसभा में संख्याबल कम होने के कारण विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी उम्मीदवारों के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था।

आपको बता दें कि यूपी सरकार में सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा चार मंत्री राज्य विधानमंडल के सदस्य नहीं थे। संसदीय नियमों के अनुसार किसी भी मंत्री को विधानमंडल के कम से कम एक सदन का सदस्य होना जरुरी होता है और अगर मंत्री सदस्य ना हो तो उन्हें मंत्री पद ग्रहण करने के 6 महीने के अंदर सदस्यता लेनी होती है। इस तरह उन्हें मंत्री पद पर बनने रहने के लिए 19 सितंबर के भीतर सदस्यता ग्रहण करनी थी। इस निर्विरोध चुनाव के बाद अब इन चारों मंत्रियों की कुर्सी पर कोई खतरा नहीं है। योगी आदित्यनाथ और केशव मौर्य की सीट 2022 तक सुरक्षित है, वहीं दिनेश शर्मा और स्वतंत्र देव की सीट 2021 तक सुरक्षित है।

Declaration Letterसभी नव निर्वाचित पार्षदों को विधान परिषद के सचिव और चुनाव अधिकारी ने सदस्यता का प्रमाण पत्र दिया। परिणामों की घोषणा के दौरान केवल केशव प्रसाद मौर्य उपस्थित रहे। सभी मंत्रियों की ओर से उन्होंने सदस्यता प्रमाण पत्र स्वीकार किया। दो दिन के भीतर एक अन्य मंत्री मोहसिन रजा का भी विधान सभा के लिए निर्विरोध चुना जाना तय है।

आपको बता दें कि मायावती और अखिलेश यादव की तरह अब योगी भी उच्च सदन से चुने गए मुख्यमंत्री बन गए हैं।

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