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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर शुक्रवार को आरोप लगाया है कि मोदी सरकार को लेकर मुद्दाविहीन कांग्रेस अध्यक्ष राफेल के साफ सुथरे और पारदर्शी सौदे को लेकर बार-बार और जोर-जोर से ‘झूठ’ बोल रहे हैं तथा डसॉल्ट एविएशन्स एवं रिलांयस के बीच 2012 में हुए ऑफसेट करार का ठीकरा मोदी सरकार के माथे पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय कोयला एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत के लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पूर्ण विश्वास है और श्री गांधी का सौ बार बोला गया झूठ, सच की जगह नहीं ले पाएगा। उन्होंने कहा कि श्री गांधी के पास मोदी सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा ही नहीं है और मुद्दाविहीन कांग्रेस अध्यक्ष बार बार फर्ज़ी खबरों के आधार पर झूठ बोल रहे हैं और झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई सौ बार भी झूठ बोले, सच के सामने टिकता नहीं है।

गोयल ने कहा कि फ्रांस सरकार के बयान और अब डसॉल्ट एविएशंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के बयान ने इस झूठ का पर्दाफाश कर दिया है। अब यह झूठ कोई सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कल उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर भी कांग्रेस ने झूठ बोला है। अदालत ने साफ कर दिया है कि उसे कीमत नहीं जाननी है क्योंकि इससे सुरक्षा को खतरा हो सकता है। भाजपा नेता ने कहा कि गांधी सिलसिलेवार ढंग से झूठ फैलाने का काम कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी को छुट्टी पर भेजे जाने, फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री को चोर कहे जाने, राफेल सौदे में गोपनीयता के प्रावधान और राफेल के दाम को लेकर जानबूझ कर भ्रामक बातें कहीं हैं। संसद में भी फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ बातचीत को लेकर गलतबयानी की गयी जिसका फ्रांस सरकार ने खंडन किया।

उन्होंने कहा कि राफेल की बुनियादी कीमत और हथियारों से लैस विमान की कीमत की तुलना करना, बीज और वृक्ष के फल की तुलना करना होगा। वह यह भी झूठ बोल रहे हैं कि मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति को नहीं बताया गया। ऐसा ना तो हुआ है और ना ही होता है। सभी प्रक्रिया के पालन के बाद ही देश की सुरक्षा के लिए एक साहसिक निर्णय लिया गया और एक साफ सुथरा एवं पारदर्शी सौदा किया गया।

उन्होंने कहा कि डसॉल्ट एविएशंस के साथ ऑफसेट करार का दायरा बहुत व्यापक है। इसके अनुसार राफेल की विनिर्माता कंपनी को सौदे की कुल रकम का पचास फीसदी भारत में निवेश करना होगा और यह निवेश केवल इसी या किसी रक्षा परियोजना के लिए सीमित नहीं है, कंपनी किसी अन्य क्षेत्र में भी निवेश कर सकती है। यह निवेश एफडीआई के रूप में हो सकता है या फिर किसी सामान के आयात के रूप में भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि गांधी सरकार पर तो झूठे आरोप लगा रहे हैं लेकिन कांग्रेस के सामने खड़े गंभीर सवालों पर चुप्पी साधे हुए हैं। वह नहीं बता रहे हैं कि संजय भंडारी कौन है और उनके परिवार से भंडारी का क्या रिश्ता है। क्या यह सच नहीं है कि 2012 में राफेल सौदे को इसी लिए रद्द कर दिया गया था कि उसमें संजय भंडारी की कंपनी को ऑफसेट करार में शामिल नहीं किया गया था। यानी गांधी परिवार को शामिल नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में सब कुछ साफ हो जाएगा।  गोयल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार की करतूतों को छिपाने के लिए बुनियादी आंकड़ों एवं तथ्यों में छेड़छाड़ करने के बाज़ नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को श्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास है और वह झूठ के बहकावे में नहीं आएगी।

-साभार,ईएनसी टाईम्स

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