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लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने गरीब सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देने की मंजूरी के बाद केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने इस फैसले का स्वागत किया है। अठावले ने कहा ‘यह एक मास्टर स्ट्रोक है। हालांकि अभी और भी शानदार फैसलों का ऐलान होना बाकि है। पीएम मोदी एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं और अभी और भी चौके और छक्के लगना बाकी है।

अठावले काफी वक्त से ऊंची जाति के बीच आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे थे। आठवले ने कहा है कि जो लोग एससी – एसटी एक्ट में बदलाव का विरोध कर रहे हैं उन्हें अनुसूचित जाति-जनजाति के प्रति अब तक किए गए व्यवहार पर भी गौर करना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि आरक्षण कोटा बढ़ाकर 75 फीसदी किया जाए और इसमें से 25 फीसदी आरक्षण उच्च वर्ग के गरीब लोगों के लिए तय किया जाए।

शुक्रवार को पत्रकार से उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति – जनजाति के उत्पीड़न में शामिल नहीं है तो उसके खिलाफ एससीएसटी एक्ट का इस्तेमाल किए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पूरी तरह यह सुनिश्चत करेगी कि एक्ट का कहीं भी बेजा इस्तेमाल न होने पाए। इस मुद्दे पर भारत बंद को उन्होंने विपक्षी पार्टियों की साजिश करार दिया।

आठवले लखनऊ में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों व निगमों में रिक्तियों और एससी/ एसटी के बैकलाग को खत्म किए जाने की समीक्षा करने आए थे। आठवले ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में तीन या चार लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है। उन्होंने इशारा किया कि कुछ बसपा नेता उनके संपर्क में हैं जो लोकसभा का चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।

उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा तीन सौ सीटों के साथ लोकसभा चुनाव जीत कर फिर सत्ता में लौटेगी। प्रोन्नति में आरक्षण के सवाल पर आठवले ने कहा कि उनकी सरकार इस मसले को लेकर गंभीर है और उम्मीद है कि संसद के शीतकालीन सत्र में इस पर फैसला हो जाएगा।

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