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आपके आधार नंबर की वर्चुअल आईडी और यूआईडी टोकन को आधार नंबर की तरह ही माना जाएगा। UIDAI ने नियामकीय अनुपालन और पहचान सुनिश्चित करने के लिए वर्चुअल आईडी और यूआईडी टोकन को आधार की तरह ही उपयोग करने के लिए कहा है। UIDAI ही 12 अंक की आधार संख्या जारी करती है। निजता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए हाल ही में वर्चुअल आईडी और यूआईडी टोकन जैसी सेवाओं को शुरू किया गया है।

दूरसंचार कंपनियां जैसी मान्यता प्राप्त इकाइयां इनका उपयोग ग्राहक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कर सकती हैं। UIDAI ने स्पष्ट किया कि ये दोनों प्रणालियां आधार संख्या का ही अलग प्रारूप हैं और अनुपालन संबंधी उद्देश्यों के लिए इनका उपयोग आधार संख्या की तरह किया जा सकता है।

यूआईडीएआई ने एक जुलाई से वर्चुअल आईडी की सुविधा शुरू की थी, जिसे कोई भी आधार कार्ड धारक उसकी वेबसाइट से प्राप्त कर सकता है। ये एक 16 अंकों का अस्थायी नंबर होता है, जिसका उपयोग विभिन्न जगहों पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए किया जा सकता है। इसी प्रकार यूआईडी टोकन एजेंसियों को अपने डाटाबेस में आधार संख्या स्टोर किए बिना अपने ग्राहक की विशेष पहचान करने की सुविधा देता है। आधार वर्चुअल आईडी को UIDAI के पोर्टल से जेनरेट किया जा सकता है। ये एक डिजिटल आईडी होगी। आधार होल्डर इसे कई बार जनरेट कर सकता है।

बता दें कि मौजूदा समय में VID सिर्फ एक दिन के लिए ही वैलिड होती है। इसका मतलब हुआ कि एक दिन बाद आधार होल्डर इस वर्चुअल आधार आईडी को फिर से जेनरेट कर सकता है। इसे सिर्फ UIDAI की वेबसाइट से ही जेनरेट किया जा सकता है।

                                                                                                             ब्यूरो रिपोर्ट, एपीएन

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