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उत्तर प्रदेश की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अधिकरियों को फरमान सुनाया था कि सूबे की सभी सड़कें गड्ढा मुक्त कर दी जाए। सीएम योगी के इस फरमान के बाद वाराणसी समेत सूबे की जनता को बड़ी राहत मिली थी कि अब उन्हें गड्ढेवाली जानलेवा सड़कों से नहीं गुजरना होगा।  प्रधानमंत्री ने तो अपने संसदीय क्षेत्र को पहले ही काशी से क्योटो बनाने की बात कही थी ऐसे में सीएम योगी के फरमान के बाद तो वाराणसी के लोगों की उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई।  आज वाराणसी सांसद नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बने चार साल से ज्यादा हो चुके है और योगी आदित्यनाथ के भी उत्तर प्रदेश के सीएम बने सवा साल हो चुके है तो क्या वाराणसी की जनता को गड्ढामुक्त सड़कें नसीब हो सकी है। इसका जायजा लेने के लिए हम वाराणसी के कई सड़कों पर गए और वहां का जायजा लिया ।

सबसे पहले हम आप को लेकर चलते है ,उस रास्ते की ओर जहां से अक्सर प्रधानमंत्री गुजरते हैं ।  जी हां, ये है मंडुवाडीह चौराहा और इसी चौराहे से होकर  वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी अकसर गुजरते हैं , देखिए इस चौराहे का हाल, ठीक चौराहे पर बड़ा गड्ढा ,और चौराहे के किनारे एक और बड़ा गड्ढा जिसमे हमेशा पानी भरा रहता है ,जिसकी वजह से अक्सर यहां जाम जैसी स्थिति बनी रहती है , स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रधान सेवक यानी प्रधानमंत्री को आना होगा तभी ये सड़क बनेगी और गड्ढे भरे जायेंगे

अजीब स्थिति है प्रधानमंत्री जब भी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आते है तो मंडुवाडीह चौराहा के इन गड्ढों को भर दिया जाता है लेकिन गुणवत्ता इतनी खराब होती है कि पीएम के जाते ही ये रास्ते टूट जाते है और मंडुवाडीह चौराहा फिर से बदहाल हो जाता है।

अब आप को ले चलते है मंडुवाडीह स्टेशन से पासपोर्ट कार्यालय रथयात्रा और सिगरा जाने वाले वाले रास्ते पर।  ये सड़क भी खस्ता हाल है , यहां से गुजरने वाले लोगों की गाड़ियों के पहिये इन गड्ढों मे समा जाते है।  बीच सड़क पर ही बड़ा सा गड्ढा है।  इस पूरे सड़क पर आपको ऐसा ही नजारा देखने को मिलेगा।

सीएम योगी का गड्ढामुक्त सड़क का दावा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में फेल नजर आता है।  जरा सी बारिश होने पर तो यहां का नजारा नर्क सा हो जाता है।  लोगों का इस रास्ते से होकर गुजरना मुश्किल हो जाता है ,इन गड्ढों वाली सड़कों पर अकसर दुर्घटनाएं होती रहती है।  गड्डों में गिरकर बाइक दुर्घटना ग्रस्त हो जाती है तो वहीं गड्ढों से बचने के चक्कर में भी गाड़िया आपस में टकरा जाती है।  सबसे चिंता वाली बात तो ये है कि अब बरसात आ चुकी है ऐसे में इन गड्ढों में पानी भर जाने पर लोगों को गड्डों की गहराई का अंदाजा नहीं लगता है इस हालत में ये गड्ढे जानलेवा साबित हो जाते हैं।  प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र की अभी बहुत सड़के है ,जो गड्ढा मुक्त नहीं बल्कि गड्ढा युक्त है ,

अपनी तहकीकात में हम वाराणसी के कई रास्तों से गुजरे लेकिन ज्यादातर अंदरुनी इलाकों की सड़कों पर गड्ढों के जख्म नजर आए।  चलिए अब आप को दिखाते है वरुणापार महावीर मंदिर के पास की सड़क का हाल दिखाते है।  सड़क में बड़े बड़े गड्ढे हैं और ये गड्ढे काफी दिनों से है।  इन रास्तों पर आज तक शासन-प्रशासन की नजर नहीं गई।  ऐसा नहीं है कि यहां के लोगों ने नेताओं और अधिकारियों को इस रास्ते के बारे में नहीं बताया हो लेकिन किसी ने भी इन गड्ढ़ों को भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।  अब इन टूटी सड़कों से गुजरना यहां के लोगों की नियति बन गई है।  ये इलाका भी प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में ही आता है लेकिन देखकर यकीन करना मुश्किल है कि यहां के सांसद देश के प्रधानमंत्री है।  इस गड्ढों वाली सड़क पर गाड़ियां हिचकोले खाती गुजरती है और इस गड्ढों के चलते आय दिन दुर्घटनाएं होती रहती है

ऐसा नहीं है कि वाराणसी की सभी सड़के ख़राब है, कुछ सड़कें बेहद शानदार नजर आती है। मडुंवाडीह स्टेशन की सड़क बिलकुल अच्छी स्थिति में दिख रही है और इस गड्ढामुक्त सड़क पर गाड़ियां सरपट दौड़ रही है

वाराणसी को प्रधानमंत्री मोदी जापान के क्योटो की तरह बनाने का वादा करते है लेकिन कुछ सड़कों को छोड़ दे तो यहां की सड़कों का हाल देख कर बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं जगती।  किसी भी शहर के विकास के लिए सड़कों का दुरूस्त होना बेहद जरूरी होता है, दुरुस्त सड़कों पर विकास तेज रफ्तार से दौड़ सकती है लेकिन वाराणसी की सड़कों को आज भी पीएम मोदी और सीएम योगी के वादों के धरातल पर उतरने का इंतजार है।

-पीयूष रंजन

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