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यूपी बोर्ड दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बोर्ड है और इस बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस साल 66 लाख से भी ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हो रहे है…जाहिर है यूपी में परीक्षार्थियों का मेला लगा हुआ है लेकिन फैजाबाद में कुछ परीक्षा केन्द्र ऐसे भी है जहां सन्नाटा पसरा हुआ है… इन केन्द्रों में कई परीक्षार्थी आए ही नहीं… वजह जानकर आपको हैरानी होगी… इन केन्द्रों में परीक्षार्थी इसलिए परीक्षा देने नहीं आए क्योंकि योगी सरकार ने उनकी पूरी तैयारी पर पानी जो फेर दिया… इन छात्रों की सारी तैयारी धरी की धरी रह गई…इन छात्रों ने किताबों से पढ़ाई की तैयारी नहीं की थी बल्कि इनकी तैयारी थी नकल की… इसके लिए उन्होंने बकायदा नकल माफियाओं को पैसा भी दिया लेकिन उन्हें क्या पता था कि सरकार बदलते ही सारी व्यवस्थाएं भी बदल जाएंगी… इस बार नकल माफियाओं पर नेकल कसने की वजह से उन छात्रों की सारी तैयारी बेकार चली गई… ऐसे में उन्होंने परीक्षा छोड़ना ही बेहतर समझा… फैजाबाद जिले में पहले दिन लगभग 25% परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी… यही नहीं जिले के करोरे इंटर कॉलेज, सरियावा में परीक्षा देने महज 3 बच्चे ही पहुंचे… वहीं शहर के जीजीआईसी परीक्षा केन्द्र में भी 15 बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी… इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में भी काफी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी है

जिले के 132 केंद्रों पर 1 लाख 1 हजार 600 सौ बच्चे परीक्षा देने के लिए पंजीकृत है लेकिन इस बार योगी सरकार ने नकल माफियाओं पर पूरी तरह से नकेल कस दिया है… परीक्षा केन्दों में इतनी सख्ती बरती जा रही है कि यहां नकल करना लगभग नामुमकिन हो गया है… परीक्षा केन्द्रों में सीसीटीवी लगाए गए है… केन्दों के बाहर बड़ी तादाद में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है… प्रश्न-पत्रों और कॉपियों को सुरक्षा निगरानी में रखा जा रहा है… यहां तक कि कई संवेदनशील घोषित परीक्षा केन्द्रों में कॉपियों की कोडिंग तक की गई है…

सरकार और प्रशासन की सख्ती की वजह से नकल माफियाओं की एक नहीं चल रही है… पिछली सरकार में नकल माफियाओं ने समानान्तर परीक्षा व्यवस्था बना ली थी… परीक्षा के पहले नकल माफिया एक्टिव हो जाते थे… गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले नकल माफियाओं के एजेंट धूमने लगते थे और उनके निशाने पर होते थे वो छात्र, जो पढ़ाई में कमजोर होते थे या जिन्होंने परीक्षा की तैयारी नहीं की होती थी… लेकिन सरकार बदली तो व्यवस्था भी बदली… योगी सरकार ने पहले ही नकल पर नकेल की घोषणा कर दी थी… और उन केन्द्रों को ब्लैक लिस्टेड घोषित कर दिया था जो नकल के लिए कुख्यात थे… कई नकल माफियाओं की धर पकड़ भी की गई थी… सरकार ने परीक्षा से पहले ही पूरी नकल तंत्र को ध्वस्त कर दिया ऐसे में इस बार नकल माफिया सेटिंग नहीं कर सके… यहीं वजह है कि नकल माफियाएओं के भरोसे परीक्षा देने वाले फैजाबाद के कई परीक्षार्थियों को परीक्षा छोड़नी पड़ी…पहले ही दिन कई छात्रों ने परीक्षा में बैठने का साहस नहीं किया और परीक्षा केन्द्र में उनकी सीट उनका इंतजार करती रही…ये तो पहले दिन की बात है, जिला प्रशासन का दावा है कि गणित की परीक्षा के दिन सभी 132 केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात होंगे जिसकी वजह से और अधिक परीक्षार्थियों परीक्षा छोड़ सकते है…परीक्षार्थियों का परीक्षा छोड़ना सरकार की नकल विहीन परीक्षा की तैयारियों के दावे को पुख्ता करती है लेकिन जिस तरह से परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ रहे हैं उससे स्कूलों की पढ़ाई पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन स्कूलों ने अपने बच्चों को किस तरह से पढ़ाया है जो बच्चे परीक्षा छोड़ रहे हैं।

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