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बीजेपी ने सोमवार को आए नतीजों में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीत दर्ज की।   विधानसभा चुनावों के नतीजों और रुझानों के देखने के बाद साफ हो गया है कि दोनों राज्यों में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। गुजरात में 22 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस को फिर से पांच साल के लिए विपक्ष में बैठना होगा। जबकि हिमाचल में तो बीजेपी ने कांग्रेस के पंजे से सरकार छीन ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़े गए चुनाव में लगातार 12वीं जीत है जबकि राहुल गांधी 29वीं बार कोई चुनाव हारे। क्योंकि 29 में से 12 राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस 14 से 50 साल से सत्ता से दूर है। 22 साल में बीजेपी ने 14 राज्य और सहयोगियों के साथ 5 राज्यों (कुल 19) में सरकार बना ली।

अभी देखा जाए तो देश भर में कांग्रेस के पास 766 विधायक बचे हैं। ये इतिहास में सबसे कम है।  इसके उलट 24 साल में बीजेपी के 1428 विधायक हो गए। ये किसी भी पार्टी के अब तक के सबसे ज्यादा एमएलए हैं।  अब बीजेपी देश के 75% इलाके, 68% आबादी और 54% इकोनॉमी पर काबिज है। बात यदि गुजरात की ही की जाए तो मोदी ने 34 रैलियां कीं। 134 सीटों तक पहुंचे। 72 में जीत दिलाई। राहुल ने 30 रैलियां कीं। 120 सीटों तक पहुंचे। 62 में जीत दिलाई।  दोनों की तुलना करें तो मोदी का सक्सेस रेट 52% रहा।  डालते हैं एक नजर उन राज्यों पर जहां कांग्रेस हारी और हारती चली गई।

राज्य इतने साल से कांग्रेस बाहर
तमिलनाडु 50
प. बंगाल 40
सिक्किम 33
उत्तरप्रदेश 27
बिहार 27
त्रिपुरा 24
गुजरात 22
ओडिशा 17
झारखंड 17
मध्यप्रदेश 14
छत्तीसगढ़ 14
नगालैंड 14

चुनाव के नतीजों को देखते हुए नए नवेले अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुप्पी साध ली। वहीं सोनिया गांधी ने हार के नतीजों को देखते हुए मीडिया के सवालों के बचने के लिए नो कमेंट्स कह कर पल्ला झाड़ लिया।  राहुल गांधी और सोनिया गांधी की चुप्पी को देखते हुए सोशल मीडिया में चर्चा तेज हो गई । लोगों के बीच चर्चा का विषय बना  राहुल गांधी का अध्यक्ष बनना। सोशल मीडिया में विपक्षी खेमे के लोगों ने सवाल करने शुरु कर दिए हैं कि राहुल गांधी क्या अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगे। लोगों का कहना है कि राहुल को पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

सोशल मीडिया में कांग्रेस की हार को देखते हुए लोगों ने पार्टी के नए नवेले अध्यक्ष राहुल गांधी को सवालों के घेरे में लेना शुरु कर दिया है। लोगों का सवाल है कि राहुल गांधी क्या पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगे?

हालांकि बाद में गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद आखिरकार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि वह जनता के निर्णय को स्वीकार करते हैं, लेकिन यह नतीजे बीजेपी और मोदी जी के लिए भी सबक हैं। कांग्रेस के नव-निर्वाचित अध्यक्ष ने यह भी कहा कि देश की जनता बीजेपी के षड्यंत्रों को समझने लगी है और आने वाले समय में इसका असर दिखने लगेगा। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस और मेरे लिए नैतिक और मनोबल की जीत है।’

भले ही कांग्रेस अपनी हार को लेकर कई बहाने ढूंढ ले, इतना तो तय है कि अध्यक्ष यदि कांग्रेस का हो या किसी और दल का ऐसी परिस्थितियों में उसके अध्यक्ष पद पर बने रहने पर सवाल उठना लाजिमी है।

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