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New Delhi: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बिजली चोरी मामले में एक फैसला सुनाया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाला फैसला सुनाने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय तारीफ के काबिल है। बिजली चोरी के आरोप में अदालत ने एक व्यक्ति को 50 पेड़ लगाने का निर्देश दिया है। व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म करने के बदले अदालत ने यह निर्णय लिया है।

अदालत ने कहा कि एक महीने के भीतर पेड़ लगाए जाएंगे। व्यक्ति को उप-वन संरक्षक (पश्चिम) को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। वंदेमातरम मार्ग में बुद्ध जयंती पार्क के सेंट्रल रिजर्व फॉरेस्ट में बिजली चोरी करने वाले व्यक्ति को 50 पेड़ लगाने का लक्ष्य पूरा करना होगा।

अदालत ने आदमी और डीसीएफ को अपने आदेश के अनुपालन का एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा है। इस आदेश को पूरा करने में विफल रहने पर कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। रजिस्ट्री निर्देशों का पालन करने में विफल रहने पर संबंधित व्यक्ति को सूचीबद्ध किया जाएगा।

न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने कहा कि मिट्टी के प्रकार के आधार पर वृक्षारोपण किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। विभिन्न प्रकार के पेड़ों की लिस्ट बनाई जा चुकी है। व्यक्ति पर बिजली विभाग ने शिकायत दर्ज कराई थी।

व्यक्ति अपनी दुकान में चोरी की बिजली का उपयोग कर रहा था। उसकी दुकान के बाहर एक तार सीधे बिजली पोल से जुड़ा था। तथ्यों और परिस्थितियों और को ध्यान में रखते हुए कि दोनों पार्टियों ने अपने विवादों को सुलझा लिया है। बिजली विभाग और व्यक्ति के बीच 18,267 की समझौता राशि पर मामला सुलझा लिया गया है।

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