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Janmashtami 2019: भारत में कई ऐसी जगहे हैं जो अपने अंदर कई रहस्यों को समेटे हुए हैं। उन्हीं जगहों में खास है वृन्दावन का निधिवन । मान्यता है कि आज भी रात को यहाँ भगवान कृष्ण गोपियों के संग रास रचाते हैं। इसलिए शाम की आरती के बाद इस मंदिर में आपको कोई नज़र नहीं आता।

कहा जाता है निधिवन की सारी लतायें गोपियाँ है जो एक दूसरे कि बाहों में बाहें डाले खड़ी है जब रात में निधिवन में राधा रानी, बिहारी जी के साथ रास लीला करती हैं तो वहाँ की लतायें गोपियाँ बन जाती हैं और फिर रास लीला आरंभ होती है, जब रास करते – करते राधा रानी जी थक जाती हैं तो बिहारी जी उनके चरण दबाते है. और रात्रि में शयन करते हैं। आज भी निधिवन में शयन कक्ष है जहाँ पुजारी जी रात में ताला लगाने से पहले जल से भरा पात्र, पान, फूल और प्रसाद रखते है। जब सुबह कपाट खोला जाता है तो जल पात्र में जल कम होता है, पान चबाया हुआ और फूल बिखरे हुए मिलते हैं।

Nidhivan-in-Vrindavan

निधिवन के रंग महल से जुड़ी रहस्यमयी बातें…
1. निधिवन रंगमहल की यह मान्यता है कि रोज़ रात यहाँ साक्षात् श्री कृष्ण और राधा रानी आते हैं। उनके लिए उस रंग-महल को पूरा सजा दिया जाता है और जब दूसरे दिन सुबह उस रंग महल को खोल कर देखा जाता है तो वह बिलकुल अस्त व्यस्त मिलता है।

2 . रंगमहल में भक्त केवल श्रृंगार के सामान को ही चढ़ाते हैं और प्रसाद स्वरुप उन्हें भी श्रृंगार का सामान ही दिया जाता है ।

3. शाम के बाद यहाँ मंदिर के कपाट बंद कर दिये जाते हैं, पर कहा जाता है कि अगर यहाँ कोई छुपकर रास लीला देखता है तो वह पागल हो जाता है।

4. इस मंदिर परिसर में उगने वाले पेड़ भी अजीब तरह से बढ़ते हैं। सामान्यतः पेड़ की शाखाएं ऊपर की ओर बढ़ती हैं पर यहाँ पेड़ों की शाखाएं नीचे की और बढ़ती हैं।

5. सबसे दिलचस्प है यह है कि यहाँ हर तुलसी का पेड़ जोड़े में लगा है। रात के समय जब कृष्ण राधा रास रचाते हैं तब यही तुलसी के पेड़ गोपियाँ बन जाते हैं और सुबह फिर से उसी अवस्था में आ जाते हैं।

6. मान्यता ये भी है इस रास लीला को कोई नहीं देख सकता, दिन भर में हजारों बंदर, पक्षी, जीव-जंतु निधिवन में रहते है पर जैसे ही शाम होती है,सब अपने आप निधिवन से चले जाते है, एक परिंदा भी फिर वहाँ पर नहीं रुकता।

7.सबसे ज़्यादा हैरत कर देने वाली बात तो यह है कि इसके आसपास बसे घरों में खिड़कियां नहीं हैं, जिनके घर में है वे शाम को आरती के घंटे की आवाज़ के बाद उन्हें बंद कर देते हैं। क्यूंकि कहा जाता है कि शाम के 7 बजे के बाद कोई इस तरफ नहीं देख सकता, अगर कोई देखता है तो वह या तो अँधा हो जाता है या उसपर कोई बड़ी मुसीबत आ जाती है।

8. इन तुलसी के पेड़ों की यह भी मान्यता है कि इनका एक पत्ता भी कोई यहाँ से नहीं ले जा सकता। कहा जाता है कि आज तक जो भी इनके पत्तों को ले गया है वह किसी न किसी आपदा का शिकार ज़रूर हुआ ही है। इसलिए इन्हें कोई नहीं छूता।

9.निधिवन में ही बंशी चोर राधा रानी का मंदिर भी स्थापित है। कहानी के अनुसार श्री कृष्ण हमेशा अपने बंशी को बजाने में खोये रहते थे, इसलिए राधा रानी ने उनकी बंशी चुरा ली थी। इस मंदिर में राधा रानी की मूर्ति के साथ कृष्ण की सबसे प्रिय गोपी ललिता की भी मूर्ति स्थापित है।

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