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इंडिया लीगल और एपीएन ने आर्बिट्रेशन एंड मीडिएशन पर 17 अगस्त यानी कल बेंगलुरू में एक कॉन्क्लेव का आयोजन किया है। इस कॉन्क्लेव में भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश और ईएनसी ग्रुप के चीफ पैटरन एम एन वेंकटचलैया मुख्य अतिथि हैं जबकि पूर्व प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर पहले टेक्निकल सेशन में मुख्य वक्ता होंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इसमें हिस्सा लेंगे। समारोह में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्टों के कई पूर्व जज भी अपनी राय रखेंगे।

आर्बिट्रेशन एंड मीडिएशन विवादों के निपटारे के वैकल्पिक उपाय हैं। इनके जरिए पक्षकार किसी तीसरे व्यक्ति के हस्तक्षेप के माध्यम से और अदालत का सहारा लिए बिना अपने विवादों का निपटान करवाते हैं।

आर्बिट्रेशन एंड मीडिएशन के फायदे

# हेडर न्यायालय में मुकदमें की तुलना में कम महंगे,
# फैसले जल्दी होते हैं,
# सारी कार्यवाही बंद दरवाजे में होती है,
# निर्णय सामान्य तौर पर अंतिम होता है,
# अपील की अनुमति कुछ मामलों में दी जाती है।

आर्बिट्रेशन और मीडिएशन यानी मध्यस्थता और समाधान एक ऐसा तरीका है जिसमें विवाद को किसी ऐसे व्यक्ति के सामने रखा जाता है जिस पर दोनों पक्षों की सहमति हो। यह व्यक्ति दोनों पक्षों को सुनने के बाद अर्ध-न्यायिक तरीके से मसले का निर्णय करता हैं। मध्यस्थता का प्रयोग मुख्य तौर पर व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में किया जाता है जैसे निर्माण परियोजनाएं, नौवहन और संवहन, पेटेंट, कारोबार चिह्न और ब्रांड, विदेशी सहयोग, भागीदारी विवाद और वित्तीय सेवाएं जिनमें बैंकिंग और बीमा शामिल हैं।

ऐसी प्रक्रियाओं में विवादों का निपटारा सौहार्द्रपूर्ण तरीके से किया जाता है। विवादों के निपटारे के ये तरीके कानूनी मुकदमे की तुलना में कई तरह से फायदेमंद है क्योंकि ये न्यायालय में मुकदमें की तुलना में कम महंगे होते हैं। इनमें फैसले जल्दी होते हैं जिससे दोनों पक्षकार समय की बर्बादी से बचते हैं। इनमें सारी कार्यवाही बंद दरवाजे में होती है, इससे गोपनीयता सुनिश्चित रहती है। निर्णय सामान्य तौर पर अंतिम होता है क्योंकि अपील की अनुमति केवल कुछ मामलों में ही दी जाती है।

भारत में आर्बिट्रेशन और मीडिएशन का प्रचलन अब बढ़ रहा है। देश में 1996 में पहली बार आर्बिट्रेशन एंड कंसीलिएशऩ कानून बनाया गया। 2018 में सरकार ने इसमें संशोधन कर एक स्व्तंत्र संस्था भारत की मध्यस्थता परिषद यानी एसीआई बनाने का प्रावधान किया। यह संस्थां मध्यस्थता करने वाले संस्थानों को ग्रेड देगी और नियम तय करके मध्यस्थता करने वालों को मान्यता प्रदान करेगी और वैसे सभी कदम उठाएगी जो मध्यस्थता, सुलह और अन्य वैकिल्पक समाधान व्यवस्था को बढ़ावा देते हैं।

17 अगस्त को बेंगलुरू में आयोजित होने वाली ”लीगल लीडरशिप कॉन्क्लेव” सुबह 9 बजे शाम 5 बजे तक चलेगी। इस ”लीगल लीडरशिप कॉन्क्लेव” का सीधा प्रधारण APN न्यूज चैनल पर किया जाएगा। ”लीगल लीडरशिप कॉन्क्लेव” को दो टेक्निकल सेशन में बांटा गया है। पहला टेक्निकल सेशन सुबह 11 बजे से 12:30 तक चलेगा, वहीं दूसरा टेक्निकल सेशन दोपहल 1:30 से 3:00 बजे तक चलेगा। जहां ‘आर्बिट्रेशन और मीडिएशन’ पर कानून के बड़े जानकार अपनी राय रखेंगे।

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