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सुप्रीम कोर्ट में जज बी.एच. लोया की कथित तौर पर रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर शुक्रवार (2 फरवरी) को सुनवाई शुरु हुई। सुनवाई के दौरान याचिककर्ता के वकील दुष्यतं दवे ने कहा कि अगर ये मान भी लिया जाए कि सीबीआई जज लोया की मौत प्राकृतिक है, तब भी एक स्वतंत्र जांच कराने से राज्य सरकार को दिक्कत क्या है?

दवे ने कहा कि खुद महाराष्ट्र सरकार की रिपोर्ट में तमाम विरोधाभास हैं और इसकी जांच की जरूरत है। याचिकाकर्ता की तरफ से जांच की रिपोर्ट्स पर कई सवाल उठाये गए जैसे मौत के बाद उनके परिजनों को सूचना नही देना, मेडिकल बिल, ECG रिपोर्ट, डेड बॉडी को किसी और को देना जैसे बिंदु शामिल थे। रिपोर्ट्स में ओवर राइटिंग की बात भी उठाई गई। इसका महाराष्ट्र सरकार ने विरोध करते हुए कहा कि जो कुछ भी कोर्ट के सामने बताया जा रहा है उसमें तथ्यों को छुपाया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार की तरफ से मुकुल रोहतगी ने कहा कि वह मूल दस्तावेज़ और ECG रिपोर्ट दाखिल करेंगे।

कोर्ट में जिरह के दौरान सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का भी हवाला दिया जिसमें सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस का ट्रायल महाराष्ट्र में करने का निर्देश दिया गया था। वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में साफ-साफ मनाही के बावजूद इस मामले में जज का ट्रांसफर हुआ। अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से जुड़े 1000 से ज़्यादा पेज थे लेकिन नए जज ने इतनी जल्दबाजी दिखाई कि 30 दिसंबर 2014 को ही अमित शाह को आरोप मुक्त कर दिया। अमित शाह का नाम लिए जाने पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि इस मामले में अप्रासंगिक तथ्यों को उठाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।

दुष्यंत दवे ने कहा जज लोया के मौत को सीरियस लिया जाना चाहिए। उनके माता पिता, भाई, बहन को कोर्ट में बुलाना चाहिए और अगर वह लोग कोर्ट में यह कहते हैं कि उन्हें केस की सुनवाई नहीं चाहिए तो हम इस केस को आगे नहीं बढ़ाएंगे।

सुनवाई के दौरान एक वकील ने मामले में अमित शाह को पक्ष बनाने की मांग की लेकिन कोर्ट ने इंकार कर दिया। चीफ जस्टिस ने कहा कि हम जज की मौत के हालात पर सुनवाई कर रहे हैं। अगर आप इस पर दलील रखना चाहते हैं तो हम आपको भी सुनेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह जिस तरीके का ये केस है उस पर पैनी नजर रखनी होगी। इस केस में संबंधित दस्तावेजों की जरूरत है लिहाजा संबंधित दस्तावेज कोर्ट में सौपे जाने चाहिए। मामले की असुनवाई 5 फरवरी को होगी। जज लोया की 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी जब वह अपने सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने गए थे।

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