Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव को शनिवार (6 जनवरी) को रांची की विशेष अदालत ने 3 साल 6 महीने की सज़ा सुनाई साथ ही 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगया। लालू को IPC की धारा 120 B, 467 और 468 के तहत सज़ा सुनाई गई। लालू को ज़मानत के लिए हाईकोर्ट जाना होगा।


चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में यह सज़ा सुनाई गई है। जगदीश शर्मा समेत 4 को 7 साल की सजा सुनाई गई है और 10 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।

रांची की CBI अदालत से लालू यादव समेत सभी 16 दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया  गया। लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस मामले में शुक्रवार को लालू, आरके राणा, जगदीश शर्मा और तीन वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत 16 लोगों की सजा के बिन्दु पर अदालत में बहस पूरी हो गयी थी। विशेष अदालत ने 23 दिसम्बर को लालू समेत 16 को दोषी करार दिया था।

शुक्रवार को लालू यादव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई। लालू ने सेहत का हवाला देते हुए कोर्ट से कम सज़ा देने की अपील की थी। लालू के वकीलों ने कहा था कि लालू को किडनी की बीमारी है वह डायबिटीज के मरीज हैं और उनका दिल का ऑपरेशन भी हो चुका है। इसके अलावा लालू के वकील ने कहा कि बिरसा मुंडा जेल में शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं है और कई सारे इन्फेक्शन होने का डर है इसलिए उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें कम सज़ा दी जाए।

क्या है मामला ?

पुलिस ने 1994 में संयुक्त बिहार के देवघर, गुमला, रांची, पटना, चाईबासा और लोहरदगा समेत कई कोषागारों से फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले दर्ज किए। करोड़ों की निकासी के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर साजिश रचकर घोटालेबाजों का सहयोग करने और उन्हें बचाने का आरोप है। यह मामला साल 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से पशु चारे के नाम पर अवैध ढंग से 89 लाख, 27 हजार रुपये निकालने का है। लालू प्रसाद यादव एवं अन्य के खिलाफ सीबीआई ने आपराधिक षड्यन्त्र, गबन, फर्जीवाड़ा, साक्ष्य छिपाने, पद के दुरुपयोग से जुड़ी भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 120बी, 409, 418, 420, 467, 468, 471, 477 ए, 201, 511 के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी) और 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.