Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

19 अप्रैल को बीएसपी सुप्रीमो मायावती समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के लिए मैनपुरी में रैली करेंगी। लोकसभा चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी होली के बाद से संयुक्त रैली शुरू करेगी। यूपी में एसपी-बीएसपी-आरएलडी गठबंधन की पहली संयुक्त रैली 7 अप्रैल को सहारनपुर के देवबंद में होने की संभावना हैं।

बताया जा रहा है कि 7 अप्रैल को देवबंद में होने वाली इस संयुक्त रैली में अखिलेश और मायावती के साथ साथ राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह भी मौजूद रहेंगे। वहीं 8 अप्रैल को मेरठ लोकसभा सीट के लिए अखिलेश-मायावती संयुक्त प्रचार करेंगे। दरअसल अखिलेश और मायावती ने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत सहारनपुर से करने की प्लानिंग इसलिए की ताकि मुस्लिम और दलित वोट बैंक को संदेश दिया जा सके।

बता दें साल 1992 में मुलायम सिंह यादव ने जनता दल से अलग हो कर समाजवादी पार्टी बनाई थी। पार्टी बनाने के बाद बीजेपी का रास्ता रोकने के लिए मुलायम ने 1993 में बहुजन समाज पार्टी से हाथ मिलाया और सरकार बनाई। हालांकि मायावती इस सरकार में शामिल नहीं हुई थीं। लेकिन, 2 जून 1995 को बीएसपी ने मुलायम सरकार से किनारा करते हुए समर्थन वापसी की घोषणा कर दी और जिससे दोनों दलों का गठबंधन टूट गया। मायावती के समर्थन वापसी के ऐलान के बाद मुलायम सरकार अल्पमत में आ गई।

फिर शुरू हुआ मुलायम सिंह यादव की सरकार को बचाने के लिए विधायकों के जोड़-तोड़ का सिलसिला। लेकिन बात न बनती देख समाजवादी पार्टी के नाराज विधायक और कार्यकर्ता मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच गए। यहां कमरे में बंद बीएसपी सुप्रीमो मायावती के साथ कुछ लोगों ने बदसलूकी की। वहीं इस मामले में जो एफआईआर दर्ज कराई गई थी, उसमें कहा गया था कि समाजवादी पार्टी के लोग मायावती को जान से मारना चाहते थे। इस घटना को गेस्ट हाउस कांड के तौर पर जाना जाता है।

बता दें लोकसभा चुनाव की शुरुआत 11 अप्रैल से हो रही है. पहले चरण में पश्चिम यूपी की आठ लोकसभा सीटों पर चुनाव होना है। पहले चरण में जहां चुनाव वो लोकसभा क्षेत्र है-सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, और गौतमबुद्धनगर।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.