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फीफा वर्ल्ड कप में रविवार को फ्रांस ने लुज्निकी स्टेडियम में खेले गए बेहद रोमांचक और नाटकीय मैच में पहली बार विश्व कप खेल रही क्रोएशिया को 4-2 से शिकस्त दी. फ्रांस ने दूसरी बार विश्व विजेता का तमगा हासिल किया. फ्रांस 20 साल बाद  फिर से विश्व फुटबॉल का सरताज बनने में सफल रहा. इससे पहले उसने अपने घर में 1998  में डिडिएर डेसचैंप्स की कप्तानी में पहली बार विश्व कप जीता था. इस वर्ल्ड कप में दुनिया को 5 बड़े फुटबॉल स्टार मिले।

इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन भले ही अपनी टीम को चैंपियन नहीं बना सके और उनकी टीम चौथे नंबर पर रही, लेकिन उन्होंने गोल्डन बूट का अवॉर्ड अपने नाम किया. हैरी केन ने वर्ल्ड कप 2018 में 6 गोल किए और उन्होंने ग्रीजमान और एमबाप्पे जैसे खिलाड़ियों को पछाड़ा.

बेल्जियम के गोलकीपर थैबॉट कोर्टोइस को वर्ल्ड कप का सबसे अच्छा गोलकीपर चुना गया. उन्हें गोल्डन ग्लव अवॉर्ड दिया गया. बेल्जियम के इस गोलकीपर ने कुल 27 गोल बचाए।

फ्रांस के हाथों फाइनल गंवाने वाली क्रोएशिया के कप्तान लुका मॉडरिच को फीफा वर्ल्ड कप 2018 का बेस्ट प्लेयर चुना गया। उन्हें गोल्डन बॉल अवॉर्ड से नवाजा गया।

फीफा वर्ल्ड कप 2018 का सबसे अच्छा युवा खिलाड़ी फ्रांस के किलियन एमबाप्पे को चुना गया। एमबाप्पे ने टूर्नामेंट में 3 गोल किए और वो वर्ल्ड कप फाइनल में पेले के बाद दूसरे सबसे युवा गोल करने वाले खिलाड़ी बने।FIFA World Cup 2018

आईए एक नजर डालते हैं फीफा के दिलचस्प आंकड़ों पर …..

कुल कितने गोल दागे गए

फीफा वर्ल्ड कप में कुल 64 मैच हुए, जिनमें सभी टीमों ने मिलाकल 169 गोल्स दागे। सिर्फ एक मैच ऐसा था जिसमें कोई गोल नहीं लगा। इस तरह प्रति मैच में गोल्स का औसत 2।6 रहा।

अब तक सबसे ज्यादा पेनल्टी
विडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) सिस्टम की वजह से इस वर्ल्ड कप में अबतक सबसे ज्यादा पेनाल्टी (29) हुईं। इससे पहले तक 2002 में सबसे ज्यादा पेनाल्टी हुई थीं। लेकिन इसबार की पेनाल्टी उससे पूरी 11 ज्यादा थीं। पेनल्टी का सबसे ज्यादा फायदा इंग्लैंड के हैरी केन ने उठाया, उन्होंने कुल 6 गोल किए थे, जिनमें से 3 पेनल्टी के जरिए हुए।

सबसे युवा और सबसे बुजुर्ग का संगम
फ्रांस के एमबापे (19 साल) में वर्ल्ड कप में गोल कर के इतिहास रच दिया है। ब्राजील के खिलाड़ी पेले (1958) के बाद ऐसा करनेवाले वह पहले खिलाड़ी बन गए हैं। पेले ने 17 साल की उम्र में वर्ल्ड कप में गोल किया था। दूसरी तरफ मिस्र के गोलकीपर इसाम इल हैदरी (45 साल) वर्ल्ड कप खेलनेवाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं।

40 साल के इतिहास में सबसे कम रेड कार्ड
वीएआर सिस्टम की वजह से खिलाड़ियों ने नियमों को न तोड़ने में ही भलाई समझी। हिंसक आचरण के लिए इस वर्ल्ड कप में किसी को रेड कार्ड नहीं दिखाया गया, हां 4 को बेदखल जरूर किया गया वर्ल्ड कप के 40 साल के इतिहास में पहली बार इतने कम रेड कार्ड मिले।

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