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सर्वकालिक महान बल्लेबाज़ डॉन ब्रैडमैन केवल चार रन से टेस्ट क्रिकेट में 100 का औसत हासिल नहीं कर पाए थे। जबकि उनके साथ क्रिकेट खेलने वाले नील हार्वे पिछले 70 वर्षों से अपने आपको कोस रहे हैं कि महान बल्लेबाज़ ( ब्रैडमैन) अगर यह विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने से चूक गए तो वह भी इसके लिए उतने ही जिम्मेदार थे जितने कि इंग्लैंड के लेग स्पिनर एरिक होलीज। ऑस्ट्रेलिया के दिग्ग्ज बल्लेबाजों में शुमार किए जाने वाले नील हार्वे आज यानी 8 अक्टूबर को अपना 90वां जन्मदिन मना रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी डॉन का औसत 100 ना होने की बात कचोटती है। गौरतलब है कि ब्रैडमैन जब अपनी आखिरी पारी खेलने के लिये उतरे तो उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 100 का औसत हासिल करने के लिये केवल चार रन की दरकार थी। होलीज ने ब्रैडमैन को उनकी अंतिम पारी में शून्य पर बोल्ड कर दिया था और उनका औसत 99.94 पर अटक गया।

बता दें कि ब्रैडमैन ने 52 टेस्टर के अपने करियर में 29 शतक और 13 शतकों की मदद से 6996 रन बनाए। हार्वे को भी तब ऐसा कोई आभास नहीं था लेकिन अब लगता है कि उन्होंने ब्रैडमैन को आंकड़ों के लिहाज से महत्वपूर्ण आंकड़ा छूने से वंचित किया। यह ब्रैडमैन के आखिरी मैच से एक मैच पहले की घटना है।

लीड्स में खेले गये मैच में तब युवा बल्लेचबाज़ हार्वे ने पहली पारी में 112 रन बनाये. वह दूसरी पारी में तब क्रीज पर उतरे जब ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिये केवल चार रन की दरकार थी और उन्होंने पहली गेंद पर ही चौका जड़कर टीम को जीत दिला दी। ब्रैडमैन उस समय दूसरे छोर पर 173 रन बनाकर खेल रहे थे और अगर यह विजयी चौका उनके बल्ले से निकला होता तो इस समय उनका औसत 100 होता। उन्होंने 27 जुलाई 1948 के उस दिन को याद करते हुए कहा, ‘मैं क्रीज पर उतरा। लंकाशर के तेज गेंदबाज केन क्रैन्सटन ने मेरे लेग स्टंप पर गेंद की और मैंने उसे मिडविकेट पर चार रन के लिये खेल दिया. दर्शक मैदान पर उमड़ पड़े और मुझे अब भी याद है कि ब्रैडमैन जोर से चिल्लाये, ‘चलो बेटे, यहां से निकल जाओ।’

हार्वे के इस चौके का क्या असर पड़ेगा इसका ऑस्ट्रेलिया की अजेय टीम के 1948 के दौरे के आखिरी टेस्ट तक किसी को आभास नहीं था। उन्होंने कहा, ‘तब आंकड़ों का जिक्र नहीं होता था। टेलीविजन नहीं था और किसी पत्रकार को भी इसका अहसास नहीं था। जब वह आउट हो गये तो इसके बारे में तब पता चला। इंग्लैंड पहली पारी में 52 रन पर आउट हो गया और उन्हें इसके लिये दूसरा मौका नहीं मिला।’ बहरहाल, अपना 90वां जन्मनदिन मना रहे नील हार्वे ने 1948 से 1963 के बीच खेले 79 टेस्टर में 48.41 के औसत से 6149 रन बनाए, जिसमें 21 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं। वैसे अपनी पहली 13 पारियों में छह शतक ठोकने वाले हार्वे ने 12 साल तक ऑस्ट्रे लिया के मुख्यत चयनकर्ता की भूमिका भी अदा की है।

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