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लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ टकराव को लेकर जवाब तलब किया जा सकता है। दोनों नेताओं के बीच घमासान को लेकर पार्टी गंभीर है। पार्टी महासचिव और प्रदेश प्रभारी आशा कुमार जल्द प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ से रिपोर्ट तलब करेंगी।

प्रदेश प्रभारी ने कहा कि चुनाव नतीजे आने के बाद इस पूरे घमासान पर प्रदेश कांग्रेस से रिपोर्ट मांगेंगी। प्रदेश कांग्रेस से रिपोर्ट मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से चर्चा करेंगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ गुरुदासपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए, वह चुनाव में व्यस्त हैं। ऐसे में चुनाव खत्म होने के बाद ही कोई रिपोर्ट मांगी जा सकती है।

तीन मंत्रियों के निशाने पर सिद्धू

सूबे के कई कैबिनेट मंत्रियों ने भी सिद्धू पर कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, साधू सिंह धर्मसोत ने भी सिद्धू की बयानबाजी को बेतुकी और गैरवाजिब बताया। इन्होंने कहा कि अगर उन्हें (सिद्धू) कोई नाराजगी है, तो इस बारे में उन्हें कैबिनेट मीटिंग में बात करनी चाहिए ना कि सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करनी चाहिए।

टिकट न मिलने से शुरु हुआ विवाद

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू की लड़ाई काफी पुरानी है। मौजूदा विवाद सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर को चंडीगढ़ से टिकट नहीं मिलने के बाद शुरू हुआ। नवजोत कौर का आरोप है कि कैप्टन की वजह से उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं मिला। आरोप पर सिद्धू ने कहा था कि उनकी पत्नी कभी झूठ नहीं बोलतीं।

मुझे सीएम पद से हटाना चाहते हैं सिद्धू

रविवार को सातवें चरण के मतदान के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मीडिया से कहा था कि ‘ नवजोत सिंह सिद्धू उनकी जगह सीएम बनना चाहते हैं। अमरिंदर सिंह ने आगे कहा था कि सिद्धू के साथ मेरी कोई जुबानी जंग नहीं है। अगर वह महत्वाकांक्षी हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। लोगों की महत्वाकांक्षाएं होती हैं। मैं उन्हें बचपन से जानता हूं। मेरा उनके नजरिये को लेकर कोई फर्क नहीं है। शायद मुझे हटाकर वो मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। ये उनका मामला है।

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