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राम मंदिर भाजपा का सिर्फ सपना ही नहीं सियासत भी है। भाजपा का संकल्प है कि 2019 तक अयोध्या में राम मंदिर बन कर तैयार होगा और उसके लिए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ लगे हुए हैं। अयोध्या में वह लगातार तमाम पक्षियों और विपक्षियों को साथ लाकर इस सपने की तामिल करने की कोशिशों में लगे हुए हैं। वहीं अब इस कोशिश में आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का भी नाम जुड़ गया है। श्री श्री रविशंकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने उनके आवास पहुंचे जहां दोनों में आधे घंटे तक बातचीत हुई। 

sri sri ravi shankar will talk to All the parties and yogi saidवहीं कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या, गोण्डा और बहराइच में नगरीय निकाय चुनाव के लिये ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं की जिसमें उन्होंने भाजपा को जिताने के लिये साधु-संतों से अपील की और कहा, ‘अयोध्या की पहचान आपसे है और आपकी पहचान अयोध्या से है। आप सभी से मेरी विनती है कि जनता से बड़ी संख्या में वोट की अपील करें, ताकि अयोध्या नगर निगम में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिले।’

दरअसल अदालत से बाहर आपसी सहमति से अयोध्या में राममंदिर का निर्माण करवाने की मुहिम अब तेज हो गई है। भाजपा के तमाम नेता से लेकर देश के विख्यात साधू भी इस काम में जुट गए हैं। इस मामले में उनकी मध्यस्थता अब श्री श्री रविशंकर करेंगे। इस मामले में उन्होंने आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर मुलाकात की। कहा जा रहा है कि श्रीश्री ने अयोध्या में राम मंदिर सुलह पर उनसे चर्चा की है।

बता दें कि वे अयोध्या जाएंगे और वहां संतों से मिलेंगे। मगर उनकी इस मुहिम से अयोध्या मामले से जुड़े कई लोग सहमत नहीं हैं।  वे अयोध्या विवाद से जुड़े सभी पक्षकारों से मिलकर सुलह का रोडमैप साझा करेंगे। वह सीधे मणिराम छावनी जाएंगे और वहां राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह न्यास के सदस्य डॉ. रामविलास वेदांती के अलावा मस्जिद के पैरोकार स्वर्गीय हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी से मुलाकात करेंगे।’ इसके अलावा वे मंत्री मोहसिन रज़ा से भी मुलाकात करेंगे।

इससे पहले राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में पक्षकारों के बीच समझौते की मुहिम चला रहे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को निशाने पर लिया था। नरेंद्र गिरि ने कहा कि वो संत नहीं हैं, जो उनकी बात को मान ही लिया जाए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनवाना रविशंकर के बस की बात नहीं। इस बात के प्रयास हो रहे हैं कि इस मामले को बातचीत के आधार पर सुलझा लिया जाए, लेकिन अब तक गलत व्यक्तियों से बात हुई है इस कारण समाधान नहीं निकल पा रहा है।

वहीं सोमवार को राम मंदिर के मामले में शिया वक्फ बोर्ड के साथ सुलह-समझौते को लेकर गतिरोध खत्म हो गया । शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने सोमवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि से इलाहाबाद में मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद रिजवी ने कहा कि, अयोध्या राम की धरती है और वहां राम का ही मंदिर बनेगा।

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