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आज की रात 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण लगने वाला है। 104 साल बाद ऐसा चंद्रग्रहण लग रहा है। सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण देश के अधिकांश हिस्सों में देखा जा सकेगा। गाढ़े लाल या संतरे रंग का दिखने के कारण इसे ब्लड मून भी कहा जाता है। इस अद्भुत नजारे को भारत के अलावा दुनिया के कई और देशों में भी देखा जा सकेगा। प्रमुख तौर पर इसे पूर्वी अफ्रीका और सेंट्रल एशियाई देशों में देखा जा सकेगा। इस लिहाज से पूर्ण चंद्रग्रहण देखने के लिए भारत सबसे सही स्थान है। इसके अलावा पश्चिमी अफ्रीका, यूरोप, दक्षिणी अमेरिका और पूर्वी एशिया में भी लोग सदी के सबसे लंबे ग्रहण का नजारा देख पाएंगे।

सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण लगभग 1 घंटे 43 मिनट तक रहेगा। यह पूर्ण चंद्रग्रहण हल्की लालिमा लिए होगा, जिसके कारण इसे ‘ब्लड मून’ कहा जा रहा है।

यह अद्भुत दृश्य आपको आज रात को देखने को मिलेगा। आपको याद होगा कि इसी साल जनवरी में भी इसी तरह का अद्भुत चंद्रग्रहण हुआ था जिसकी अवधि लगभग 45 मिनट थी। इस चंद्रग्रहण को सुपर ब्लू ब्लड मून का नाम दिया गया था। यह ग्रहण उससे भी कहीं ज्यादा लंबा और अलौकिक होगा।

104 साल बाद आज सदी का सबसे लंबा ग्रहण लगने वाला है। यह चंद्र ग्रहण लगभग 3 घंटे 55 मिनट का होगा। जो कि 27 जुलाई की मध्य रात्रि में 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर मोक्ष काल यानी 28 जुलाई की सुबह 3 बजकर 39 मिनट पर खत्म होगा। खास बात यह है कि इस बार लगने वाले चन्द्र ग्रहण में लोगों को सुपर ब्लड ब्लू मून का भी नजारा दिखने को मिलेगा। जिसकी वजह से चंद्र ग्रहण के समय चांद ज्यादा चमकीला और बड़ा नजर आएगा।

100 साल में एक बार, जब पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के ठीक बीच में होती है तब चंद्रमा को पृथ्वी की परछाई से निकलने में तकरीबन 4 घंटे का समय लगता है, जिसकी वजह से हमें आकाश में 1 घंटे 6 मिनट का अर्ध चंद्र ग्रहण दिखाई देता है। आज होने वाले अदभुत चंद्रग्रहण इससे भी लंबा होने वाला है।

इस बार ग्रहण के समय, पृथ्वी और सूर्य की भूगौलिक स्थिति की वजह से एक और आकर्षक दृश्य देखने को मिलेगा। धरती के वायुमंडल से होने वाले प्रकाश से चंद्रग्रहण के समय पूरी तरह से आंखों से ओझल होने की बजाय हल्की लालिमा लिए हुए चमकदार दिखाई देगा।

आज एक और खास घटना घटेगी। आज की रात को इतेफाक से चंद्र ग्रहण के ही समय पृथ्वी और मंगल ग्रह 15 सालों में सबसे करीब होंगे। सूर्य और मंगल के बीच पृथ्वी होगी। यह मंगल के पृथ्वी के ज्यादा करीब आने के कारण होगा। पृथ्वी के ज्यादा करीब आने के कारण जुलाई के अंत में यह लाल ग्रह सामान्य से ज्यादा चमकीला नजर आएगा। धरतीवासियों को हमेशा रोमांचित करने वाला यह लाल ग्रह इस बार धरती के इतना करीब होगा कि इस दौरान इसे नग्न आंखों से ही देखा जा सकेगा।

आज की रात मंगल ग्रह सूर्य से ठीक विपरीत दिशा में होगा, यानी पृथ्वी के आकाश में मंगल सूर्य से उल्टी दिशा में दिखाई देगा। 30 जुलाई को मंगल और पृथ्वी के बीच की दूरी 57.58 मिलियन किलोमीटर तक घट जाएगी।

भारत के अलावा यह चंद्रग्रहण म्यांमार, भूटान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान चीन, नेपाल, अंटाकर्टिका, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका के मध्य और पूर्वी भाग में दिखाई देगा। आज गुरु पूर्णिमा भी है। ग्रहण का सूतक लगने से पहले गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाना भी श्रेष्ठ माना जाता है।

अब बस हम यही उम्मीद कर सकते हैं कि 27 जुलाई से 30 जुलाई तक आसमान साफ रहे ताकि हम इन अलौकिक और दुर्लभ नजारों का मजा ले सकें।

एपीएन ब्यूरो

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