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आयरलैंड में अदालत ने एक रेप आरोपी को पीड़िता के अंडरवियर को सबूत मानकर बरी कर दिया गया है। इससे विरोध में महिला व समाजसेवी संगठनों ने एक अभियान छेड़ा है। इसमें देशभर की महिलाएं जुड़कर अपनी-अपनी अंडरवियर की तस्वीरें शेयर कर रही हैं और यह बता रही हैं अंडरवियर को देखकर महिला के साथ रेप हुआ है या नहीं यह तय नहीं किया जा सकता।

दरअसल कोर्ट में रेप आरोपी के पक्ष के वकील ने पीड़िता के अंडियरविर को लहराते हुए कहा, “कोर्ट को महिला के पहनावे पर गौर करना चाहिए। महिला ने थोंग (अंतःवस्‍त्र) पहना था। इसमें आगे की तरफ फीते लगे हुए हैं।”

रेप आरोपी पक्ष का वकील अदालत में इसी तरह के सबूतों के आधार पर यह साबित करने में कामयाब रहा कि रेप पीड़िता ने ऐसी पोशाक पहन रखी थी, जो आम दिनों में नहीं पहनी जाती है। यानी कि रेप पीड़िता के साथ रेप ना होकर उनके साथ सहमति से शारीरिक संबंध बनाए गए हैं। उनके कपड़ों से यह जाहिर होता है कि वह पुरुष की आकर्षित थीं और मामला सेक्शुअल कंटेंट का है।

इसके बाद आयरलैंड के 28 वर्षीय रेप आरोपी को कोर्ट ने बरी कर दिया। उनके ऊपर एक 17 वर्षीय लड़की ने रेप का आरोप लगाया था। इस फैसले से रेप पीड़िता को भारी निराशा हुई।

मामला प्रकाश में आने के बाद सामाजिक संगठनों और राजनेताओं तक पहुंच गया। इसके बाद सांसद रुथ कैपिंगर ने इसे सदन को अवगत कराना ठीक समझा। अपने अभिभाषण के दौरान वह सदन में उठीं और एक नीले रंग की अंडरवियर उन्होंने लहराई। उन्होंने कहा, “हो सकता है यहां अंडरवियर दिखाना शर्मनाक हो। लेकिन कल्पना कीजिए उस वक्त कैसा लगा होगा जब कोर्ट में एक महिला के अंडरवियर लहराए जा रहे थे।”

इस मामले के बाद आयरिश महिलाओं ने व्यापक स्तर पर विरोध जताना शुरू किया। इसके तहत कई महिलाओं ने अपने-अपने अतंःवस्‍त्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया में शेयर कीं। मामला और ज्यादा तूल पकड़ता गया। इसके बाद कई महिलाओं ने कानून में संशोधन की मांग की।

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