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जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ होने वाले ऐतिहासिक बैठक के परिप्रेक्ष्य में जापान की सुरक्षा चिंताओं पर ध्यान देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका उत्तर कोरिया के प्रति जापान के रवैये से भलीभांति अवगत हैं। श्री आबे गुरुवार को श्री ट्रम्प से बातचीत के दौरान फिर से अपने नजदरकी संबंधों की दुहाई देते हुए अपनी अपील को दोहरायेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद श्री आबे और श्री ट्रम्प के बीच अब तक 30 बार बातचीत हो चुकी है, जिसमें आठ बार आमने-सामने बैठकर बातचीत शामिल है।

विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा,”जापान ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि वह सामूहिक विनाश और सभी श्रेणियों के बैलिस्टिक मिसाइलों के सभी हथियारों के पूर्ण, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय विघटन के पक्ष में है। जापान की स्थिति अभी तक नहीं बदली है और हमें लगता है कि अमेरिका निश्चित रूप से जापान की स्थिति को समझता है। ”

जापान की चिंता इस बात को लेकर है कि श्री ट्रम्प, जिनकी निगाहें नवंबर के कांग्रेस चुनावों टिकी हैं, कहीं इस आशय का  समझौता ना कर लें जिसमें उन्हें परमाणु हमले से अमेरिकी शहरों की रक्षा करने की अनुमति मिल जायेगी, लेकिन जापान को छोटी रेंज मिसाइलों के लिए कमजोर छोड़ दिया जाएगा। जापान को यह भी डर है कि श्री ट्रम्प अंततः दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैन्य बलों को कम करने के लिए सहमत हो सकते हैं, जिससे जापान को भारी चीनी प्रभाव के तहत कोरियाई प्रायद्वीप में एक फ्रंटलाइन देश के रूप में छोड़ दिया जा सकता है।

जैसा कि श्री आबे के विदेश मामलों के विशेष सलाहकार कात्सुयोकी कवाई ने कहा,”इसका मतलब यह होगा कि जापान के संविधान, राजनयिक नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों को पूरी तरह से नयी स्थिति के लिए पूरी तरह से समीक्षा करनी होगी। यह जापान और अमेरिका के लिए भी एक दुःस्वप्न के समान होगा।”

गौरतलब है कि श्री ट्रम्प और श्री उन के बीच 12 जून को सिंगापुर में शिखर सम्मेलन होने जा रहा है।

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