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डेटा लीक मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां बड़ी-बड़ी कंपनियों के अधिकारी अपना और अपने कंपनी के फेसबुक और ट्वीटर अकाउंट को बंद कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ आम जनता में भी सोशल मीडिया को लेकर काफी रोष है। ऐसे में दुनियाभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर से लोगों का भरोसा तेजी से उठ रहा है। इसी को लेकर अब अमेरिकी सीनेट ने भी कदम उठाया है। अमेरिकी कांग्रेस की शक्तिशाली समिति ने तीन बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक, ट्विटर और गूगल के सीईओ को डाटा निजता मामले में समन जारी किया है। समिति ने कैम्ब्रिज एनालिटिका द्वारा पांच करोड़ फेसबुक यूजर्स के डाटा का गलत इस्तेमाल करने के बाद यह कदम उठाया है।

समिति ने फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग, गूगल के भारतीय- अमेरिकी सुन्दर पिचई और ट्विटर के जैक डोरसी को डेटा निजता संबंधी सुनवाई में उपस्थित होने को कहा है। सीनेट की न्यायिक मामलों की समिति ने इस संबंध में सुनवाई 10 अप्रैल को तय की है। इन तीनों को समिति के अध्यक्ष चक ग्रैसली के सामने उपस्थित होना है और अपनी बात रखनी है। ग्रेसली ने सोमवार को कहा, जुकरबर्ग को कंपनी की भूत और भविष्य की नीतियों पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है। इसमें उपभोक्ताओं के डाटा की निगरानी और सुरक्षा पर बात होगी। यह सुनवाई यूजर के डाटा के संकलन, जमा करने और बांटने के व्यावसायिक मापदंड पर आधारित होगी। ग्रेसली ने अपने बयान में कहा कि ‘समिति इस बात की भी जांच करेगी कि उपभोक्ताओं की निजी जानकारियों का गलत इस्तेमाल और उनका अवैध रूप से वितरण हो जाने के बाद फेसबुक जैसी कंपनी कौन से कदम उठा सकती है। साथ ही इसे भी देखा जाएगा कि सोशल मीडिया का स्वामित्व रखने वाली कंपनियां अपने यूजर्स का डाटा कैसे सुरक्षित और उसे ज्यादा पारदर्शी बनाए रख सकती हैं।’

बता दें कि फेसबुक डेटा दुरुपयोग मामले में दुनियाभर की सरकारें सख्त रुख अपनाए हुए है। इस मामले में  अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग (एफटीसी) ने कहा है कि वह निजता के मुद्दे को लेकर फेसबुक के खिलाफ जांच कर रहा है। एफटीसी ने एक बयान में इसकी पुष्टि की थी कि उसने फेसबुक की निजता नीतियों को लेकर एक गैर-सार्वजनिक जांच शुरू की है। वहीं जर्मनी की सरकार सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक के लिए अपने नियमों को और कड़ा करेगी।

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