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बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) टीचर्स एलिजबिल्टी टेस्ट (TET) 2017 के नतीजे घोषित कर दिए हैं जिसे देख कर पता चलता है कि इस साल परीक्षा में 83 फीसद अभ्यर्थी फेल हैं औए महज 17 फीसद अभ्यर्थी ही पास हुए हैं।

बता दें कि पोर्ट्स के मुताबिक इस बार BTET का आयोजन 5 साल बाद हुआ है। इससे पहले यह परीक्षा 2011 में हुई थी। इस साल लगभग 25 लाख अभ्यर्थियों ने इन परिक्षाओं में हिस्सा लिया था। सिर्फ B. Ed पास अभ्यर्थियों को ही आगे परीक्षा देने की अनुमति थी।

वहीं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर की मानें तो पेपर वन (कक्षा 1 से 5) की परीक्षा में शामिल होने के लिए 49,488 अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया था। परीक्षा में 43,794 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें 7,038 (16.07 फीसदी) को सफलता मिली। पेपर टू में 1,91,164 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। परीक्षा में 1,68,761 शामिल हुए। इसमें से 30,113 (17.84 फीसदी) अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। यह परीक्षा ऑनलाइन कराई गई थी।

इसके अलावा कट ऑफ की बात करें तो जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए यह 60 फीसदी था, जबकि आरक्षित श्रेणी के लिए यह 55 फीसदी और एससी/एसटी श्रेणी के लिए कट ऑफ 50 फीसदी तय किया गया था। वहीं राज्य में इस साल स्कूल छात्रों का पासिंग पर्सेंटेज भी काफी नीचे रही है।

उधर कुछ अभ्यर्थियों ने इस रिजल्ट पर सवाल उठाए हैं। खासकर ऐसे छात्र जिन्हें इनवैलिड डयू टू व्हाइटनर लिखकर रिजल्ट प्रकाशित किया गया है। कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि एग्जाम में उन्होंने किसी प्रकार के व्हाइटनर का इस्तेमाल नहीं किया लेकिन फिर ये रिजल्ट में कैसे शो कर रहा है।

हालांकि इस बात पर तो फिलहाल बोर्ड की कोई टिप्पणी नहीं आई है पर बोर्ड के अध्यक्ष का कहना है कि रिजल्ट में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती गई है और गलत प्रश्नों को हटा कर ही रिजल्ट जारी किये गए हैं ।

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