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कश्मीर की शांति से पाकिस्तान अशांत हो रहा है। कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद अब शांति स्थापित होने लगी है, लेकिन पाकिस्तान वहां शांति का माहौल नहीं बनने देना चाहता है ताकि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को दिखाया जा सके कि धारा 370 समाप्त करने से वहां कितनी समस्या है। कश्मीर में जैसे जैसे सामान्य स्थिति बहाल होती जा रही है वैसे वैसे पाकिस्तान की हताशा भी बढ़ती जा रही है। अब जबकि पाकिस्तान को ये एहसास हो चुका है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का रोना रोने से भी कुछ हासिल नहीं होने वाला है तो वो अपनी पुरानी रणनीति पर उतर आया है। FATF से ब्लैक लिस्ट किए जाने को लेकर मिली अंतिम चेतावनी के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान अब अपने ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को भारत भेजने की नापाक कोशिश में जुटा है। आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान अक्सर ही फायरिंग करता है लेकिन, इस बार आतंकियों की घुसपैठ के इरादे से जब उसने फायरिंग शुरू की, तो उसे इस बात का अहसास भी नहीं था कि, भारत की ओर से उसे ऐसा मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

दिवाली आने में अभी चंद रोज बाकी है लेकिन पाकिस्तानी गुस्ताखी की वजह से भारतीय सेना ने पहले ही दिवाली मनाने का फैसला कर लिया। PoK में भारतीय सेना ने ऐसा दिवाली धमाका किया कि पूरा पाकिस्तान कांप उठा। सीजफायर उल्लंघन की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ कराने की पाकिस्तान की योजना धरी की धरी रह गई। भारत ने ना सिर्फ सीजफायर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दिया, बल्कि, बोफोर्स तोप के गोले बरसाकर करीब 4 आतंकी लॉन्च पैड को भी तबाह कर दिया।

इतना ही नहीं, भारतीय जवानों ने करीब दो दर्जन आतंकवादियों और कई पाकिस्तानी सैनिकों को भी ढेर कर दिया। इस साल 26 फरवरी को POK के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद ये सेना की पहली बड़ी कार्रवाई है। सेना ने ये कार्रवाई तब की, जब पाकिस्तान ने आतंकी घुसपैठ को अंजाम देने के लिए शनिवार रात से अचानक भारतीय पोस्टों पर गोलाबारी शुरू की, जो रविवार सुबह तक चलती रही। इस फायरिंग में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए थे।  इसके बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की ठानी और पाकिस्तान को बालाकोट एयर स्ट्राइक की याद दिला दी। अब बालाकोर्ट पार्ट-2 से पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है।

साल 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक। फरवरी 2019 में पुलवामा अटैक के बाद एयर स्ट्राइक और अब तोपों से हमला बोल भारत ने तीसरी स्ट्राइक को अंजाम दिया है। बीते 4 साल में पाकिस्तान की तीन बड़ी हरकतों पर भारत ने उसे सबक सिखाने वाली कार्रवाई की, ये सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ न्यू इंडिया के बदले हुए रवैये को दर्शाता है।

दरअसल पाकिस्तान इस वक्त अजीब सी स्थिति है।  कश्मीर मुद्दे पर दुनियाभर से मिली हार के बाद उसकी स्थिति उस शख्स की तरह हो गई है जो अपने अपमान का बदला तो लेना चाहता है लेकिन उसे पता है कि वो अपने दुश्मन से सीधी लड़ाई में नहीं जीत सकता, ऐसे में वो छल और प्रपंच का सहारा ले रहा है। पाकिस्तान भारत में आतंकियों को भेजने की लगातार साजिश रच रहा है लेकिन भारत की मुस्तैदी की वजह से उनकी हर कोशिश नाकाम हो रही है।

उधर पहले से ही कश्मीर में घुसपैठ कर चुके आतंकियों के पास हथियार और गोला-बारूद खत्म हो गए है।  ना तो पाकिस्तान उनसे संपर्क कर पा रहा है और ना ही भारत में आतंक फैसाने के लिए हथियार भेज पा रहा है। आतंकियों के पास मौजूद गोला-बारूद खत्म हो रहे हैं और सीमा पर भारत की धेराबंदी की वजह से पाकिस्तान गोला बारूद उन तक नहीं पहुंचा पा रहा है।  कश्मीर में मौजूद आतंकियों के पास गोला-बारूद खत्म होने से उनमें हड़कंप मचा हुआ है। कश्मीर में चाह कर भी आतंकी कोई बड़ी वारदात नहीं कर पा रहे हैं।  कश्मीर में घुसपैठ करने में नाकाम रहने पर पाकिस्तान पंजाब की सीमा से ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की कोशिश कर रहा है लेकिन पाकिस्तान की इस साजिश का भी पर्दाफाश हो चुका है। ऐसे में बैखलाए पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर बेवजह जबरदस्त गोलीबारी शुरु कर दी है ताकि आतंकवादियों की घुसपैठ कराई जा सके।

भारतीय खुफिया एजेंसियों को इस बात की सूचना मिली है कि कश्मीर में बचे खुचे आतंकियों ने सीमा पार अपने आकाओं को आपात सूचना भेजी है कि उनके पास हथियारों और गोला-बारुदों की कमी है और इसकी आपूर्ति तत्काल होनी चाहिए, अगर ऐसा नहीं हुआ तो गोला-बारूद की कमी से कश्मीर में पाकिस्तान का पूरा आतंकी नेटवर्ट ही खत्म हो जाएगा। एक ओर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भारत में टेरर फंडिंग कर रहे कश्मीरी अलगाववादी नेताओं पर शिकंजा कसा है, वो अब कश्मीर में छुपे आतंकियों तक पैसा नहीं पहुंचा पा रहे हैं, उस पर सीमा पार से हथियार भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में पाकिस्तान किसी भी सूरत में आतंकियों के गिरोहों को भारत में प्रवेश कराने के लिए जोर आजमाइश कर रहा है। भारत-पाक के बीच नियंत्रण रेखा पर बर्फबारी अगले दो हफ्तों में तेज हो सकती है। आम तौर पर सितंबर और अक्टूबर के महीने में पाकिस्तान की तरफ से इस तरह की गोलीबारी कराने के पीछे एक बड़ा मकसद यही होता है कि सर्दियों में बर्फबारी की शुरुआत से पहले आतंकियों के गिरोह को भारतीय सीमा में भेज दिया जाए।

सीमा पर भारतीय सेना की मुस्तैदी के बाद सेना को पक्की सूचना मिली है कि पाकिस्तान वहां नए रास्ते से आतंकी भेजने की कोशिश में है, लेकिन बीएसएफ के साथ ही पंजाब और जम्मू-कश्मीर की पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है ताकि उनकी साजिशों को नाकाम किया जा सके।’

पाकिस्तानी सेना की हताशा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब से भारत ने धारा 370 को समाप्त किया है तब से वो भारतीय सीमा के भीतर 600 बार बेवजह गोलीबारी कर चुकी है। जबकि जनवरी से सितंबर के बीच 2050 बार पाकिस्तान की तरफ से संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया है। लेकिन इस बार पाकिस्तान को उम्मीद नहीं थी कि भारत उसकी गोलीबारी का इस तरह से मुंहतोड़ जवाब देगा। सेना ने दिवाली से पहले पाकिस्तानी सेना और उसके पाले हुए आतंकियों पर जबर्दस्त धमाका किया है वो बताने के लिए काफी है कि अब भारत किसी भी तरह से पाकिस्तान को बख्शने के मूड में नहीं है। चाहे वो सामरिक मोर्चा हो या कूटनीति मोर्चा।

-पीयूष रंजन

 

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