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टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था FATF से पाकिस्तान को झटका लगा है। FATF से जुड़े एशिया पैसिफिक ग्रुप (APG) ने माना है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद और आतंकियों पर लगाम लगाने में कोताही बरती है। पाकिस्तान मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद समेत दूसरे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। ऐसे में अगले हफ्ते पेरिस में होने वाली बैठक में उसे ग्रे लिस्ट से हटाकर ब्लैक लिस्ट में रखा जा सकता है।

दरअसल, एशिया-पैसिफिक ऑन मनी लॉन्ड्रिंग की रिपोर्ट में पाकिस्तान हर मोर्चे पर फिसड्डी साबित हुआ है। मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई के 10 मानदंडों में पाकिस्तान 9 में फिसड्डी रहा। जबकि एक में उसे ‘मध्यम’ स्थान हासिल हुआ है। इस बात का खुलासा APG की म्यूचुअल इवोल्यूशन रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट में कहा गया कि यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल रिजोल्यूशन 1267 को लागू करने के लिए सही कदम नहीं उठाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा, जमात-उद-दावा और फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन और इनके सरगना हाफिज सईद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की है। आपको बता दें कि APG, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की  क्षेत्रीय संस्था है।

अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड के दबाव के बाद, FATF पाकिस्तान को जून  2018 से संदिग्ध सूची में डाल चुका है। APG की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिकूल तथ्य पाए जाने के बाद अक्टूबर 2019 से उसे नकारात्मक रडार पर रखा जाएगा। इसके मायने हैं कि पाक के लिए दिक्कतें और बढ़ेंगी औऱ वो संदिग्ध सूची में बना रहेगा। इसके बाद उसे काली सूची में डालने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. 228 पन्नों की इस रिपोर्ट के आधार पर ही अगले हफ्ते पाकिस्तान की FATF रैंकिंग पर फैसला होगा. पाकिस्तान ज्यादातर मापदंडों में फिसड्डी पाया गया है। खासकर जब हाफिज सईद जैसे वैश्विक आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात हो।

रिपोर्ट में कहा गया है कि UNSCR 1267 कमेटी की रिपोर्ट में 2008 में जमात-उद-दावा और 2012 में फलह-ए-इंसानियत फाउंडेश का नाम शामिल होने के बावजूद ये दोनों संगठन पाकिस्तान में खुलेआम जनसभाएं करते हैं और फंड जुटाते हैं। पाकिस्तानी मीडिया में ऐसी कई रिपोर्ट सामने आई हैं जिनमें, मानवीय राहत और सहायता के नाम पर इन्हें चंदा वसूलते देखा गया है. अब पेरिस में होने वाली FATF की बैठक में भारत का पक्ष मजबूत रह सकता है लेकिन पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करने की उसकी कोशिश उतनी आसान नहीं है, क्योंकि पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के जिंयाग्मिन लिउ, फिलहाल FATF के चेयरमैन हैं।

अक्षय सिंह गौर

 

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