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विजयादशमी के दिन फ्रांस से जो तस्वीर आई वो महाशक्ति बनने जा रही भारत की तस्वीर थी। ये वो पल था जिसका देश करीब एक दशक से भी ज्यादा वक्त से इंतजार कर रहा था। आखिरकार विजयादशमी के दिन वो सपना पूरा हो ही गया। अब राफेल अपना हो गया है। 8 अक्टूबर को पूरे देश की नजर फ्रांस की ओर थी जहां रक्षामंत्री राजनाथ सिंह राफेल की शस्त्र पूजा कर रहे थे।

रक्षामंत्री ने राफेल की विधिवत पूजा की, राफेल पर ऊँलिखा, रक्षासूत्र बांधे, राफेल पर नारियल रखा और राफेल को दुश्मनों की बुरी नजर से बचाने के लिए पहियों के नीचे नींबू रखा, और इसके साथ ही एक लंबे इंतजार और विवादों को पार करते हुए आखिरकार भारत को पहला फ्रांसीसी लड़ाकू विमान राफेल मिल ही गया। इसी के साथ भारत आसमान में पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा शक्तिशाली हो गया है।

Defence Minister Rajnath Singh performs “shashtra puja” on a Rafale jet fighter during an handover ceremony at the Dassault Aviation plant in Merignac, near Bordeaux, southwestern France on October 8, 2019. France has delivered to India its first Rafale jet from a series of 36 aircraft purchased in a multi-billion dollar deal.

 

राफेल की शस्त्र पूजा करने के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने करीब आधे घंटे तक राफेल में उड़ान भरी और इसी के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया। राजनाथ सिंह पहले राजनेता है जिन्होंने राफेल में उड़ान भरी है। इससे पहले उन्होंने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी थी। राजनाथ सिंह से पहले सितंबर महीने में भारतीय वायुसेना के एयर चीफ एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने फ्रांस पहुंचकर राफेल में उड़ान भरी थी। उड़ान के बाद एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया ने कहा था कि राफेल विमान भारत के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम साबित होगा।

राफेल में जिस तरह की तकनीक और हथियारों का इस्तेमाल किया गया है, वो भारत के लिए प्लानिंग के नजरिए से एक गेम चेंजर साबित होगा। वायुसेना जिस तरह के आक्रामक मिशनों और आने वाले समय में युद्ध के लिए प्लानिंग करना चाहती है, उसके लिहाज से राफेल की तकनीक और हथियार बेहद खास है। राफेल विमान 4.5 जेनरेशन का लड़ाकू विमान है जो भारतीय वायुसेना में एक तरह से जेनरेशन का बदलाव होगा। इस विमान में 24500 Kg. भार ढोने की क्षमता है, साथ ही विमान के जरिए एक साथ 125 राउंड गोलियां निकलती हैं जो किसी को भी चीर कर रख सकती हैं। इस विमान में भारत के लिए खास तौर पर दो तरह की मिसाइल लगाई गई हैं, जो हर खतरे को खत्म करने के लिए तैयार हैं।

राफेल की ताकत सारी दुनिया जानती है और अब इसे चीन और पाकिस्तान के खतरे से निपटने के लिए भारत अपने जंगी बेड़े में शामिल करने जा रही है। अब पाकिस्तान ने जरा सी भी गुस्ताखी की तो वो भारत के राफेल के गुस्से का शिकार होगा। अब भारत के खिलाफ पाकिस्तान की आतंकी साजिश उसे महंगी पड़ने वाली है। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने बालाकोट में आतंकियों के कैंपों पर जब एयर स्ट्राइक किया था तो पाकिस्तान इस चोट से बुरी तरह घायल हो गया था। उस वक्त भारत ने मिराज-2000 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया था लेकिन कल्पना कीजिए कि अगर उस वक्त भारत के पास राफेल होता तो आतंकियों के कैंपों में कैसी तबाही मचती।

A view of Rafale Jet at its Dassault Aviation assembly line, in Bordeaux, France. (Image: PTI)

 

पाकिस्तान आपने आतंकियों को ट्रेनिंग देकर लॉन्चिंग पैड में इक्ट्ठा करता है ताकि उन्हें पाकिस्तानी सेना सीमा पार घुसपैठ करा सके, अपने पालतू आतंकियों से भारत में आतंक फैला सके, लेकिन अब पाकिस्तान को अपनी करतूत महंगी पड़ेगी। पाकिस्तान को अपनी करनी का फल भुगतना पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पाकिस्तान जिस तरह से जंग की धमकी दे रहा है, अब वो धमकी भी उसे भारी पड़ने वाली है, क्योंकि राफेल अब पाकिस्तान पर काल बन कर बरसेगा। अब पाकिस्तान राफेल की ताकत को महसूस करेगा। पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए राफेल को उसकी सीमा में भी नहीं घुसना पड़ेगा क्योंकि राफेल करीब 600 किलो मीटर दूर से ही दुश्मनों पर निशाना साध सकता है। यानि पाकिस्तान को पता भी नहीं चलेगा और राफेल अपना काम कर जाएगा।

दरअसल, भारत फ्रांस से कुल 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद रहा है। मंगलवार को इसी किस्त का पहला विमान राजनाथ ने रिसीव किया। हालांकि, ये सिर्फ सांकेतिक हैंडओवर है अभी ये विमान फ्रांस में ही रहेगा, जहां वायुसेना के जवान इसकी ऑपरेशनल ट्रेनिंग लेंगे। 36 विमानों में से 4 विमानों की पहली किस्त मई 2020 तक भारत को मिलेगी। लेकिन इसके बाद इस्तेमाल में लाने में भी इसे समय लगेगा और फरवरी 2021 तक जाकर ये विमान पूरी तरह से ऑपरेशनल होंगे।

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना को जो 36 विमान मिलने हैं, उनके भारत पहुंचने की डेडलाइन सितंबर, 2022 है। यानी अगले तीन साल में सभी 36 राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुंच सकते हैं जो कि वायुसेना को दमदार बनाने के लिए काफी हैं।

राफेल विमान को फ्रांस के द्वारा भारतीय वायुसेना के हिसाब से बनाया गया है, जिसमें भारत की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। भारत को जो राफेल मिला है उसका टेल नंबर RB001 है। बताया जा रहा है कि जो 36 विमान भारत को मिलने हैं, उनमें से 18 अंबाला एयरबेस और 18 अरुणाचल प्रदेश के आसपास तैनात होंगे। यानी भारत पाकिस्तान और चीन से मिलने वाली चुनौती के लिए हर तरह से तैयार है।

भले ही लंबी जद्दोजहद के बाद भारत को उसका पहला फ्रांसीसी लड़ाकू विमान राफेल मिल गया है। लेकिन राफेल के आने से पहले जितना राजनीतिक तूफान आया था, अब भारत को राफेल मिलने के बाद भी एक बार फिर राफेल पर नया विवाद खड़ा हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस में शस्त्र पूजा करने के साथ ही राफेल विमान को रिसीव किया, इस दौरान राफेल पर नारियल चढ़ाया, ऊँ का निशान बनाया और राफेल के पहियों के नीचे नींबू दिखाई दिए। अब कांग्रेस ने इस तरह की पूजा पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा राफेल विमान रिसीव करने पर भी आपत्ति जताई है।

दरअसल, राफेल पर राजनीति कोई नई बात नहीं है। राफेल ने डील के वक्त से ही कई विवादों को झेला है। इस रक्षा सौदे ने नॉर्थ ब्लॉक से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के कई चक्कर लगाए है। फ्रांस को भी इस डील में अपनी सफाई देनी पड़ी है। कांग्रेस ने इस डील में घोटाले के गंभीर आरोप हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में इसी मुद्दे के सहारे सत्ता की आस लगाई थी। लेकिन अब जबकि देश को पहला राफेल मिल गया है तो आइए हम और आप आसमान के इस महाबली का स्वागत करें

-पीयूष रंजन

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