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24 जुलाई को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जिसके साथ राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर जो दो नाम उभर कर सामने आए है, उनमें पहला नाम सुमित्रा महाजन और दूसरा लालकृष्ण आडवाणी का हैं। हाल ही में नए राष्ट्रपति के नाम तय करने की सहमती को लेकर पीएम मोदी ने अपने सहयोगी दलों व शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को रात्रि भोज पर बुलाया था। जिसके बाद अब सत्ता पक्ष की नजरें शिव सेना प्रमुख के साथ साथ विपक्ष पर भी नजरे टिकी रहेगी। अगर विपक्ष की सहमति नहीं बनती है तो चुनाव तय हैं।

दूसरी तरफ यूपी में प्रशासन के दो काम सुर्खियों में हैं, जिसमें पहला एंटी रोमियो और दूसरा बूचड़खाना है। जहां एंटी रोमियो की कार्यवाही के चपेट में बेगुनाह आ रहे हैं, वहीं बूचड़खानों के बंदी के चलते मांसाहारी का जायका लेने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करने पड़ रहा हैं।

एपीएन की खास पेशकश यूपी में प्रशासन दिखा रहा है ज़रूरत से ज्यादा चुस्ती और क्या मोदी के डिनर डिप्लोमैसी ने बनेगी राष्ट्रपति पर सहमति?”  जैसे मुद्दे को लेकर एपीएन के स्टूडियों में आज चर्चा की गई। जिसमें अपने अपने क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों जैसे सुदेश वर्मा (राष्ट्रीय प्रवक्ता, बीजेपी), ओंकार नाथ सिंह (प्रदेश महासचिव, यूपी कांग्रेस), जगदेव सिंह यादव (प्रवक्ता, सपा) और गोविंद पंत राजू (सलाहकार संपादक, APN) ने अपने विचार को जनता के समक्ष रखा। शो का संचालन एंकर अनंत त्यागी ने किया।

सुदेश वर्मा ने राष्ट्रपति पद के नाम को लेकर कहा कि यह एक सर्वोच्च पद है, जिसे लेकर अटकलें लगाई जा सकती है। लेकिन इसपर भारत सरकार कोई तीसरा नाम भी तय कर सकती है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए बताया कि बीजेपी अपने दायित्व को समझते हुए एक ऐसा चेहरा लाएगी जो कलाम की तरह देश को संभाल सके।

ओंकार नाथ सिंह ने कहा कि पार्टियों में मीटिंग होती है जो कि सभी पार्टियां करती है। रही बात राष्ट्रपति कि तो यह एक विचारधारा की लड़ाई है, जिसपर गूफ्तगू हो रही है लेकिन वर्तमान समय में कोई भी नेता, प्रवक्ता इसपर अपनी राय देने में असमर्थ होगा। यूपीए सरकार में कांग्रेस ने जब भी राष्ट्रपति के नाम को आगे रखा तो बीजेपी ने इसके खिलाफ अपने प्रत्याशी को खड़ा किया है, जबकि वह जानते थे कि वह चुनाव हार जाएगे।

दूसरी तरफ उन्होंने योगी सरकार पर अपना मत रखा कि सर्वप्रथम सीएम को कैबिनेट बैठक कर विचार विमर्श करना चाहिए और जिसपर एक्शन लेने लायक हो उसपर कार्यवाही करनी चाहिए।

गोविंद पंत राजू ने कहा कि जिस प्रकार से बीजेपी आगे बढ़ रही है उस प्रकार से कोई तीसरा नाम भी पार्टी के समक्ष आ सकता है। लेकिन राष्ट्रपति उम्मीदवारों में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का नाम भी शामिल है। जिनका व्यक्तित्व बेहद सरल स्वभाव है, वह सदैव पक्ष विपक्ष को साथ लेकर चलने की कोशिश करती है।

रही बात यूपी सरकार में एंटी रोमियो टीम की तो पुलिस सरकार के प्रति अति उत्साहित है जिसके चलते वह निर्दोषो को भी परेशान कर रही है।

जगदेव सिंह यादव ने कहा कि अगर राष्ट्रपति चेहरा सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के हित में रहा तो विपक्ष सत्ता पक्ष के साथ खड़ी हैं। इसलिए इस मुद्दे पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता कि नया चेहरा कौन होगा? लेकिन चर्चा शुरू हो गई है तो विचार अवश्य होगा। वहीं उन्होंने यूपी सरकार पर व्यंग कसा कि जो जितना तेज दौड़ता है वह उतना ही शीघ्र गिरता है।

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