Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड (बीएसईबी) ने इंटरमीडिएट सांइस, आर्ट्स और कॉमर्स का परिणाम 30 मई को जारी कर दिया। हालांकि, इस वर्ष सिर्फ 38 फीसदी छात्र ही पास हुए है जबकि 62 फीसदी छात्र-छात्राएं फेल हो गए। इस बार समस्तीपुर के गणेश ने परीक्षा में टॉप किया है।

बोर्ड ने छात्रों की सुविधा को देखते हुए परिणामों को देखने के लिए कई विकल्प दिए है। परीक्षार्थी http://www.biharboard.ac.in/, https://srsec.bsebbihar.com/, http://www.skillmissionbihar.org/ पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं।

बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर की मानें तो इंटरमीडिएट परीक्षा 2017 के तीनों स्ट्रीम के परीक्षाफल घोषित कर दिये गये हैं। परीक्षा में लगभग तेरह लाख छात्र-छात्रा शामिल हुए थे। इस वर्ष के परिणाम बहुत ही निराशाजनक रहे हैं। बिहार बोर्ड का विज्ञान का परिणाम 30.76 फीसदी रहा जबकि कॉमर्स में 73.76 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं. वहीं आर्ट्स में 37.13 फीसदी विद्यार्थी पास हुए हैं।

विज्ञान स्ट्रीम में 86 प्रतिशत अंक के साथ खुशबू कुमारी, जमुई से जबकि कॉमर्स स्ट्रीम में 81.60 अंक के साथ प्रियांशु जायसवाल, पटना से और आर्ट्स स्ट्रीम में 82.69 अंक के साथ गणेश समस्तीपुर से राज्य में टॉपर रहे।

पिछले साल की तुलना में बीएसईबी बारवीं के परिणाम इस साल लगभग 15 दिन देरी से आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में इसका कारण शिक्षकों की हड़ताल बताया गया है। बिहार बोर्ड ने पिछले साल बीएसईबी बोर्ड के टॉपर्स घोटाले के बाद परीक्षा मूल्यांकन तंत्र को मजबूत किया है।

बिहार बोर्ड के मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में टॉपर छात्र-छात्रा को एक लाख रूपए और लैपटॉप मिलेगा। दूसरा स्थान पाने वाले को 75 हजार रूपए और तीसरे स्थान प्राप्त करने वाले परीक्षार्थी को 50 हजार रूपए नकद के साथ लैपटॉप और ई-बुक रीडर भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त बारवीं में चौथा व पांचवां स्थान प्राप्त करने वालों एवं मैट्रिक में चौथे से दसवें स्थान पर आने वालों को भी पहले की तरह राशि एवं लैपटॉप के साथ अन्य सामग्री दी जाएगी।

बिहार बोर्ड टॉपर घोटाले के बाद सरकार ने परीक्षा में नकल रोकने के लिए कई सख्त प्रबंध किए थे। बोर्ड ने छात्रों को नकल से रोकने के लिए वीडियोग्राफी कराई थी। इस बार रजिस्ट्रेशन से लेकर मूल्यांकन तक का पूरा प्रोसेस ऑनलाइन किया गया था। इसके अलावा पहली बार बिहार बोर्ड की परीक्षाओं में बार कोडिंग सिस्टम भी शुरू किया गया था।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.